Mandla News: तिरपाल के नीचे देश का भविष्य, नवीन प्राथमिक शाला तलैयाटोला के बच्चों को नहीं मिल रहा नया भवन, मुसीबत में हो रही पढ़ाई

तिरपाल के नीचे देश का भविष्य, नवीन प्राथमिक शाला तलैयाटोला के बच्चों को नहीं मिल रहा नया भवन, मुसीबत में हो रही पढ़ाई
जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर तलैयाटोला में नवीन प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर होने के कारण बच्चों को तिरपाल के नीचे अपना भविष्य गढऩा पड़ रहा है। यहां नया भवन नहीं मिलने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

Mandla News: जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर तलैयाटोला में नवीन प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर होने के कारण बच्चों को तिरपाल के नीचे अपना भविष्य गढऩा पड़ रहा है। यहां नया भवन नहीं मिलने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद यहां स्थानीय प्रशासन और विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके चलते बच्चों को जोखिम के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।

जानकारी के मुताबिक नवीन प्राथमिक शाला तलैयाटोला का स्कूल भवन जर्जर हो गया है। यहां भवन में बड़ी-बड़ी दरारें हैं। यह भवन कभी भी धराशाई हो सकता है। जिसके चलते बच्चें स्कूल भवन के सामने ही तिरपाल के नीचे पढ़ाई कर रहे हैं। तेज बारिश के दौरान बच्चों को बारिश से बचना पड़ता है और पढ़ाई बंद हो जाती है। यहां अध्यापन करने वाले 25 बच्चों को पढ़ाई के लिए खतरा उठाना पड़ रहा है।ं सुभाष कुमार नंदा, ब्रजलाल नंदा समेत अन्य अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को पढऩे के लिए जोखिम में भेज रहे हैं। प्रशासन के द्वारा स्कूल भवन नहीं बनाया जा रहा है। जिससे उनके बच्चों का भविष्य खतरे में हैं।

जर्जर घोषित कर दिया लेकिन सुविधा नहीं दी-

यहां दो साल पहले विभाग के द्वारा स्कूल भवन का निरीक्षण कर जर्जर घोषित कर दिया है और स्कूल प्रबंधन से स्कूल का संचालन भवन में बंद करने के निर्देश दे दिए हैं लेकिन कोई व्यवस्था नहीं बनाई है। जिसके कारण अब बच्चों को बैठने के लिए जगह नहीं हैं, जिससे यहां परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश पहले तक तिरपाल के नीचे पढ़ाई हो रही थी लेकिन अब बच्चों की पढ़ाई तिरपाल में नहीं हो पा रही है। बारिश होने से समस्या बन रही है। जिससे बच्चों के लिए भवन की सुविधा की मांग की जा रही है।

नहीं हो रही सुनवाई-

यहां स्कूल प्रबंधन के द्वारा शासन को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। अभिभावक भी जनसुनवाई समेत अन्य माध्यमों से प्रशासन को कई बार शिकायत दे चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। स्कूल संचालन के लिए भवन का निर्माण नहीं स्वीकृत किया जा रहा है। जिसके कारण नया भवन नहीं बन पा रहा है। शासन के द्वारा लाखों रूपए हर साल खर्च किए जा रहे हैं लेकिन जहां सबसे ज्यादा जरूरत हैं, वहां भवन निर्माण नहीं कराए जा रहे हैं।

इनका कहना है

स्कूल भवन जर्जर घोषित किया जा चुका है। जिससे तिरपाल और भवन के बाहर कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। प्रशासन को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। जो व्यवस्था है, उनके हिसाब से अध्यापन कार्य करा रहे हैं। बारिश होने की स्थिति में जरूर परेशानी हो रही है। जिससे अभिभावक भी चिंतित है।

संतोष सोनी, प्रधानपाठक, प्राथमिक शाला तलैयाटोला

Created On :   6 July 2026 4:29 PM IST

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