मंत्रिमंडल बैठक: 12 वर्ष बाद दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में हुई बढ़ोतरी, साकलाई उपसा सिंचाई योजना के लिए 1 हजार 234 करोड़ रुपए

12 वर्ष बाद दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में हुई बढ़ोतरी, साकलाई उपसा सिंचाई योजना के लिए 1 हजार 234 करोड़ रुपए
  • 12 वर्ष बाद दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में हुई बढ़ोतरी
  • परिरक्षण भूमापक पद के सृजन को मंजूरी
  • साकलाई उपसा सिंचाई योजना के लिए 1 हजार 234 करोड़ रुपए

Mumbai News. राज्य सरकार ने राज्य के हजारों दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में दिव्यांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि में उल्लेखनीय वृद्धि को मंजूरी दी गई। इस फैसले के तहत शिशु वर्ग से लेकर 12वीं तक पढ़ने वाले दिव्यांग छात्रों को अब पहले की तुलना में कई गुना अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी। पहले जहां छात्रों को केवल 100 से 200 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, वहीं अब एक हजार रुपए तक छात्रवृत्ति मिलेगी। शिशु वर्ग से 8वीं तक 500 रुपए प्रति माह, 9वीं से 10वीं 800 रुपए (आवासीय) एवं 600 (गैर-आवासीय) और 11वीं से 12वीं तक 1 हजार रुपए (आवासीय) व 800 (गैर-आवासीय) छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके अलावा 11वीं और 12वीं के छात्रों की ट्यूशन फीस भी सरकार द्वारा वहन की जाएगी। दृष्टिहीन छात्रों को हर महीने 150 रुपए का रीडर भत्ता और अध्ययन दौरे के लिए सालाना 1 हजार 500 रुपए तक की सहायता भी दी जाएगी। यह निर्णय राज्य के शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है, जो सरकार के विजन डॉक्यूमेंट का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार ने इस योजना के लिए लगभग 23.11 करोड़ के वार्षिक बजट को भी मंजूरी दी है। यह पहल राज्य के दिव्यांग छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी।

अनुसूचित जाति आरक्षण उपवर्गीकरण के लिए समिति

राज्य के अनुसूचित जाति के आरक्षण को लिए प्राप्त होने वाले विभिन्न ज्ञापन और आवेदन को लेकर मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। इस समिति को एक महीने में कार्यवाही करके मंत्रिमंडल की बैठक में रिपोर्ट पेश करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार राज्य में अनुसूचित जाति के आरक्षण उपवर्गीकरण के लिए पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनंत मनोहर बदर की अध्यक्षता में एक समिति स्थापित की गई थी। इस समिति की रिपोर्ट पर बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा हुई। अब इसके मद्देनजर प्राप्त होने वाले ज्ञापन, सुझाव और आवेदन पर विचार के लिए मुख्य सचिव के नेतृत्व में समिति बनाई गई है।

परिरक्षण भूमापक पद के सृजन को मंजूरी

राज्य में भूमि अभिलेख विभाग के समूह सी संवर्ग के भूकरमापक पद को रद्द करके परिरक्षण भूमापक पद सृजित करने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इसमें नियमित 9 हजार 638 और ठेके के 1 हजार 45 कुल 10 हजार 683 पदों को स्वीकृति दी गई है। इसमें से परीरक्षण भूमापक संवर्ग के कुल 6 हजार 937 पदों का समावेश है।

साकलाई उपसा सिंचाई योजना के लिए 1 हजार 234 करोड़ रुपए

अहिल्यानगर के श्रीगोंदा तहसील के चिखली में साकलाई उपसा (लिफ्ट) सिंचाई योजना के लिए 1 हजार 234 करोड़ 13 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में मंजूरी प्रदान की गई है। इस परियोजना का काम पूरा होने से श्रीगोंदा व अहिल्यानगर दोनों तहसील के कुल 32 गांवों के लिए पानी का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस पानी से लगभग 9 हजार 600 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

Created On :   1 April 2026 10:22 PM IST

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