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बॉम्बे हाई कोर्ट: राजेश खन्ना के साथ रिश्ते को मान्यता की मांग वाली अभिनेत्री अनीता की याचिका खारिज, आईएसआईएस के कथित आतंकी को राहत नहीं

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को अभिनेत्री अनीता आडवाणी की याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में उन्होंने दिवंगत बॉलीवुड सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने ‘रिश्ते' को ‘शादी' के तौर पर मान्यता देने का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की एकल पीठ ने अभिनेत्री अनीता आडवाणी की याचिका खारिज कर दी। आडवाणी ने याचिका में उन्होंने मुंबई के दिंडोशी स्थित सिविल कोर्ट के 2017 के आदेश को चुनौती दी थी। सिविल कोर्ट ने तकनीकी आधार पर उनके मुकदमे को खारिज कर दिया था। आडवाणी के अनुसार वह और राजेश खन्ना 2012 में उनकी मृत्यु तक कम से कम एक दशक तक ‘लिव-इन रिलेशनशिप' में रहे थे। उन्होंने दावा किया कि दिवंगत अभिनेता ने उनके सिर पर सिंदूर लगाकर उनसे गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। आडवाणी के शादी के दावे को खन्ना की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया, उनकी बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने नकार दिया है। कपाड़िया परिवार ने खन्ना से शादी करने या दिवंगत अभिनेता की ‘लिव-इन' पार्टनर होने के उनके दावों का विरोध किया। आडवाणी ने यह भी दावा किया कि खन्ना की मृत्यु के तुरंत बाद उन्हें खन्ना के मशहूर बंगले ‘आशीर्वाद' से जबरन बेदखल कर दिया गया था। इसलिए उन्होंने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के प्रावधानों के तहत कपाड़िया, उनकी बेटी और दामाद के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज कराया था। हालांकि 2015 में हाई कोर्ट की एक अन्य पीठ ने इस कार्यवाही को रद्द कर दिया था। पीठ ने यह निष्कर्ष दिया था कि खन्ना के साथ आडवाणी का रिश्ता घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत शादी की प्रकृति वाला रिश्ता नहीं माना जा सकता।
बॉम्बे हाई कोर्ट से आईएसआईएस के कथित आतंकी शामिल साकिब नाचन को नहीं मिली राहत
उधर बॉम्बे हाई कोर्ट से आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के कथित आतंकी शामिल साकिब नाचन को नहीं राहत मिली। अदालत ने उसे निचली अदालत जाने का निर्देश दिया है। नाचन ने अपनी याचिका में भायखला जेल में जान का खतरा होने का दावा करते हुए अदालत से अनुरोध किया था कि उसे भायखला जेल से दूसरी जेल में ट्रांसफर किया जाए। न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति सुमन श्यामन की पीठ के समक्ष शामिल साकिब नाचन की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि शामिल नाचन को भायखला जेल में खतरा है। वहां के सीसीटीवी कैमरे बंद रहते हैं। ऐसे में उस पर नवी मुंबई की तलोजा जेल की तरह हमला हो सकता है। पिछले साल उसके साथ तलोजा जेल के अंदर साथी कैदियों के एक समूह द्वारा मारपीट किया था। शामिल नाचन को तलोजा जेल से नागपुर जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। बाद में एनआईए की विशेष कोर्ट में सुनवाई के लिए उसे भायखला जेल में ट्रांसफर किया गया। पीठ ने शामिल नाचन को उसकी मांग के लिए निचली अदालत में जाने का निर्देश दिया और उसकी याचिका का निपटारा कर दिया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अगस्त 2023 में शामिल नाचन को महाराष्ट्र में आईएसआईएस मॉड्यूल से कथित संबंधों और आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। शामिल के पिता साकिब नाचन पर भी आईएसआईएस का एजेंट होने का आरोप था। उसकी दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत के दौरान ब्रेन हेमरेज के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
Created On :   1 April 2026 9:49 PM IST








