विधानसभा में राजस्व मंत्री ऐलान: बावनकुले ने कहा - अधिकारी - रेत माफिया गठजोड़ पर सरकार सख्त, निपटने के लिए सरकार बनाएगी टास्क फोर्स

बावनकुले ने कहा - अधिकारी - रेत माफिया गठजोड़ पर सरकार सख्त, निपटने के लिए सरकार बनाएगी टास्क फोर्स
  • नायब तहसीलदार पर हमला, एफआईआर दर्ज करने में 10 दिन की देरी
  • अवैध खनन के 10 साल के रिकॉर्ड की होगी जांच

Mumbai News. महाराष्ट्र में अवैध वालू (रेत) तस्करी को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह आक्रामक मोड मंं नजर आ रही है। विधानसभा में गुरुवार को राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि रेत माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ को तोड़ने के लिए राज्य में विशेष ‘टास्क फोर्स’ बनाने का ऐलान किया। यह टास्क फोर्स उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई करेगी, जो तस्करों को संरक्षण देने या कार्रवाई में जानबूझकर देरी करने के दोषी पाए जाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक नाना पटोले द्वारा प्रश्नकाल के दौरान उठाए गए सवाल के जवाब में बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार अब इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए कठोर कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह केवल अवैध खनन का मामला नहीं, बल्कि “अधिकारी और तस्करों के बीच संगठित सांठगांठ” का गंभीर विषय है।

नायब तहसीलदार पर हमला, एफआईआर दर्ज करने में 10 दिन की देरी

राजस्व मंत्री ने हाल ही में हुए उस गंभीर मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें अवैध रेत तस्करों ने नायब तहसीलदार को ट्रक से कुचलने की कोशिश की थी। मंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत चिंताजनक और शर्मनाक है, क्योंकि सरकारी अधिकारी पर जानलेवा हमला होने के बावजूद एफआईआर दर्ज करने में 10 दिन की देरी हुई। उन्होंने बताया कि एक वरिष्ठ आईएएस स्तर के अधिकारी ने कार्रवाई की अनुमति देने में अनावश्यक विलंब किया। इसके बाद ही पुलिस में मामला दर्ज हो पाया। बावनकुले ने कहा कि इस तरह की देरी यह साबित करती है कि कुछ अधिकारी तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में अवैध रेत और खनिज माफिया सक्रिय पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सीधे और कड़े कदम उठाए जाएंगे।

‘एमपीडीए’ जैसी कठोर कार्रवाई की तैयारी

सरकार अब अवैध खनन और सरकारी अधिकारियों पर हमले के मामलों को संगठित अपराध की श्रेणी में लेकर चल रही है। मंत्री ने कहा कि जो लोग सरकारी अधिकारियों की हत्या या जानलेवा हमले की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ ‘एमपीडीए’ जैसे कठोर कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है और सरकार की मंशा साफ है रेत माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पूरे राज्य में लागू होगी ईटीएस प्रणाली

अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए सरकार इस वर्ष पूरे महाराष्ट्र में ईटीएस प्रणाली लागू करने जा रही है। इस तकनीकी व्यवस्था के जरिए केवल वर्तमान गतिविधियों पर नजर नहीं रखी जाएगी, बल्कि पिछले 10 वर्षों के दौरान हुए अवैध खनन की भी जांच होगी। सरकार यह पता लगाएगी कि किन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हुआ, किसकी मिलीभगत से हुआ और इससे सरकारी राजस्व को कितना नुकसान पहुंचा। इस प्रणाली के जरिए ट्रांसपोर्टेशन, परमिट, खनन क्षेत्र और राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जाएगा, जिससे अवैध रेत कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

Created On :   25 Jun 2026 10:26 PM IST

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