बॉम्बे हाई कोर्ट: बहू को मिट्टी का तेल डालकर था जलाया, वृद्धि महिला को आजीवन कारावास की सजा से बरी करने से इनकार

बहू को मिट्टी का तेल डालकर था जलाया, वृद्धि महिला को आजीवन कारावास की सजा से बरी करने से इनकार
  • अदालत ने महिला के लंबे समय तक जेल में होने और स्टोव फटने से बहू के जलने की दलील को किया अस्वीकार
  • बहू को मिट्टी का तेल डालकर जलाने के मामले में सुनवाई

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट ने बहू को मिट्टी का तेल डालकर जलाने के मामले में वृद्धि महिला को आजीवन कारावास की सजा से बरी करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि मृत्युपूर्व बयान पुलिस अधिकारी ने दर्ज किया, वह अविश्वसनीय नहीं हो जाता। मृत्युपूर्व बयान का प्रश्न-उत्तर प्रारूप में होना अनिवार्य नहीं है। यदि यह स्वैच्छिक, सुसंगत और विश्वसनीय हो, तो उसी के आधार पर दोषसिद्धि की जा सकती है।

न्यायमूर्ति मनीष पितले और न्यायमूर्ति श्रीराम वी. शिरसाट की पीठ ने 61 वर्षीय मीनाबाई लोबाजी गायकवाड (सास) की याचिका खारिज करते हुए कहा कि बहू की मृत्युपूर्व बयान डॉक्टर की उपस्थिति में रिकॉर्ड की गई। डॉक्टर ने प्रमाणित किया कि मृतका बयान देने की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति में थी। बयान में स्पष्ट रूप से सास द्वारा केरोसिन डालकर आग लगाने का आरोप लगाया गया है। सविता विजय गायकवाड (बहू) लगभग 77 फीसदी जली हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसकी मृत्यु जलने से उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुई।

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि मृत्यु दुर्घटनावश स्टोव फटने से हुई थी। मृत्युपूर्व बयान विश्वसनीय नहीं है, क्योंकि इसे मजिस्ट्रेट ने नहीं, बल्कि पुलिस अधिकारी ने दर्ज किया। यह प्रश्न-उत्तर प्रारूप में नहीं था। याचिकाकर्ता वृद्ध महिला है और लंबे समय से जेल में है। इसलिए रियायत दी जानी चाहिए। इस पर पीठ ने कहा कि सास की स्टोव फटने से बहू के जलने की दलील अस्वीकार नहीं है। घटनास्थल पंचनामा में केरोसिन का डिब्बा, माचिस और जले हुए निशान मिले। किसी फटे हुए स्टोव या उसके अवशेष का कोई उल्लेख नहीं था। सेशन कोर्ट द्वारा दी गई दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा पूरी तरह सही है। याचिकाकर्ता के खिलाफ पुणे सेशन कोर्ट के 28 नवंबर 2016 आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा गया।

क्या था पूरा मामला

सविता की शादी वर्ष 2006 में विजय गायकवाड़ से हुई थी। अभियुक्ता (सास) अपने गिरवी रखे हुए सोने के गहने छुड़ाने के लिए बहू से लगातार पैसे मांगती थी। 17 अप्रैल 2013 को इसी बात पर विवाद हुआ। अभियोजन के अनुसार गुस्से में मीनाबाई ने सविता पर मिट्टी का तेल (केरोसिन) डाला और उसे आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी सविता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने अपने बयान में सास को जिम्मेदार बताया। उनकी 21 अप्रैल 2013 को मौत हो गई।

Created On :   24 Jun 2026 9:30 PM IST

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