अब गड़बड़ की तो खैर नहीं: अन्न सुरक्षा को लेकर एफडीए हुई के नियम हुए और सख्त, सड़ा खाना परोसा तो उम्रकैद तक की सजा

अन्न सुरक्षा को लेकर एफडीए हुई के नियम हुए और सख्त, सड़ा खाना परोसा तो उम्रकैद तक की सजा
  • राज्यभर में शुरू हुआ सुरक्षित अन्न -निरोगी महाराष्ट्र अभियान
  • होटल से लेकर ऑनलाइन फ़ूड ऑपरेटर को एफडीए की चेतावनी
  • बिना लाइसेंस कारोबार पर 10 लाख तक जुर्माना

Mumbai News. महाराष्ट्र में अन्न सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सख्त रुख अपनाया है जिससे अब ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले होटल, रेस्तरां, ढाबे, क्लाउड किचन और फूड डिलीवरी व्यवसायों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एफडीए ने राज्यभर के खाद्य व्यवसायों के लिए सख्त खाद्य सुरक्षा अनुपालन आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि असुरक्षित, घटिया या गंदे तरीके से तैयार भोजन परोसने वालों को जेल, भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द होने जैसी कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। इसके तहत सड़ा खाना परोसने पर किसी की मौत हो जाती है तो संबंधित व्यक्ति को कम से कम सात साल या अधिकतम उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। इस सजा के साथ ही 10 लाख रूपए का दंड भी हो सकता है।

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा जारी आदेश के अनुसार हालिया निरीक्षणों में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं। कई प्रतिष्ठानों में अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार किया जा रहा था, इस्तेमाल किए गए तेल का दोबारा उपयोग हो रहा था, खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर नहीं रखा जा रहा था, बिना मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र वाले कर्मचारी भोजन संभाल रहे थे और ग्राहकों को सुरक्षित पेयजल तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए एफडीए राज्यभर में " सुरक्षित अन्न -निरोगी महाराष्ट्र" अभियान शुरू किया है। इसके तहत राज्य भर में होटल, फ़ूड कैटरिंग, क्लाउड किचन से लेकर ऑनलाइन फ़ूड ऑपरेटर सहित 4.5 लाख खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी। इस जांच में कोई भी प्रतिष्ठान खाद्य व्यवसायों के लिए सख्त खाद्य सुरक्षा अनुपालन का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी करवाई की जाएगी।

ऐसे होगी सजा

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत असुरक्षित भोजन के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर दोषियों को कम से कम 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसके साथ न्यूनतम 10 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यदि असुरक्षित भोजन से गंभीर चोट या स्वास्थ्य हानि होती है तो 6 वर्ष तक की जेल और 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। सामान्य चोट की स्थिति में एक वर्ष तक कारावास और 3 लाख रुपये तक जुर्माना, जबकि चोट न होने पर भी तीन माह तक की जेल और 1 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।

बिना लाइसेंस कारोबार पर 10 लाख तक जुर्माना

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण के खाद्य व्यवसाय चलाना गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। घटिया खाद्य पदार्थों के उत्पादन, भंडारण या बिक्री पर 5 लाख रुपये तक, जबकि गलत या भ्रामक लेबलिंग पर 3 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अस्वच्छ और अनारोग्यकर परिस्थितियों में भोजन तैयार करने पर 1 लाख रुपये तक की शास्ति का प्रावधान है।

अब मुफ्त मिलेगा सुरक्षित पीने का पानी

नए आदेश के तहत राज्य के सभी होटल, रेस्तरां और भोजनालयों को ग्राहकों को नि:शुल्क सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। किसी भी ग्राहक को बोतलबंद पानी खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। प्रतिष्ठानों को यह सूचना प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी।

तेल दोबारा इस्तेमाल किया तो कार्रवाई तय

आयुक्त ने अन्न सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल का पुन: उपयोग या अनधिकृत बिक्री प्रतिबंधित होगी। साथ ही अखबार या गैर-फूड ग्रेड सामग्री में भोजन परोसने और पैक करने पर भी रोक लगा दी गई है।

लाइसेंस रद्द, प्रतिष्ठान बंद और नाम सार्वजनिक करने की तैयारी

एफडीए ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों को केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर इम्प्रूवमेंट नोटिस, लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण, प्रतिष्ठान बंद करने के आदेश, खाद्य सामग्री की जब्ती और नष्ट करने की कार्रवाई, उत्पाद रिकॉल तथा दोषी प्रतिष्ठानों के नाम सार्वजनिक किए जा सकते हैं। गंभीर मामलों में अन्य आपराधिक कानूनों के तहत भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

Created On :   24 Jun 2026 9:36 PM IST

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