फंस सकता है पेंच !: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उद्धव ठाकरे से विधान परिषद जाने का किया आग्रह- संजय राऊत

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उद्धव ठाकरे से विधान परिषद जाने का किया आग्रह- संजय राऊत
  • उद्धव के नहीं उतरने पर महाआघाडी में फंस सकता है पेंच
  • खड़गे ने उद्धव ठाकरे से विधान परिषद जाने का किया आग्रह

Mumbai News. राज्य में आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। 10 सीटों के लिए 12 मई को मतदान होना है और उसी दिन नतीजे भी घोषित किए जाएंगे। बारामती और राहुरी उपचुनाव के बाद अब राज्य की राजनीति का पूरा फोकस इसी चुनाव पर टिक गया है। इसी बीच शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे को विधान परिषद भेजने की कवायद तेज हो गई है। खबर है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी उनसे चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। हालांकि अभी तक उद्धव ने कोई फैसला नहीं लिया है।

खड़गे ने फोन पर की बात

शिवसेना (उद्धव) सांसद संजय राऊत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हर कोई चाहता है कि उद्धव ठाकरे विधान परिषद जाएं। उन्होंने कहा कि गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उद्धव से मुलाकात की थी। इसी दौरान खड़गे ने फोन पर ठाकरे से बातचीत की और उन्हें विधान परिषद में जाने का अनुरोध किया। हालांकि, ठाकरे ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। राऊत के मुताबिक उद्धव ठाकरे के सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ अच्छे संबंध हैं। यही वजह है कि कांग्रेस नेतृत्व भी चाहता है कि ठाकरे विधान परिषद में जाएं। वहीं शरद पवार और सुप्रिया सुले की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं।

सीटों का गणित तय

संख्या बल के हिसाब से सीटों का बंटवारा लगभग स्पष्ट माना जा रहा है। भाजपा को 6 सीटें, शिवसेना (शिंदे) को 2 सीटें, राकांपा (अजित) को 1 सीट और महाविकास आघाड़ी के खाते में एक सीट आई है। ऐसे में आघाडी में एक सीट को लेकर कांग्रेस और उद्धव गुट आमने-सामने हैं। हर्षवर्धन सपकाल तो यहां तक कह चुके हैं कि अगर उद्धव खुद चुनाव में नहीं उतरे तो फिर कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतार सकती है।

अंतिम फैसला ठाकरे का

महाविकास आघाड़ी के तमाम नेताओं की कोशिशों के बावजूद अंतिम फैसला उद्धव ठाकरे को ही लेना है। वे चुनाव मैदान में उतरेंगे या नहीं, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है।अगर उद्धव खुद चुनाव मैदान में नहीं उतरे तो फिर महाविकास आघाडी में पेंच फंस सकता है। ऐसे में अब सभी की नजर ठाकरे के फैसले पर टिकी है।

Created On :   24 April 2026 8:47 PM IST

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