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एसआईआर: मुंबई कांग्रेस के विधायकों को सता रहा है डर, अभी से मुख्य चुनाव अधिकारी से मिलकर ले रहे हैं पूरी जानकारी

Mumbai News. मुंबई में शुरू होने वाली विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायकों ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर उनके विधानसभा क्षेत्रों की जानकारी लेनी शुरू कर दी है। दरअसल ये विधायक कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस विधायक अमीन पटेल और असलम शेख ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया के तहत होने वाली परेशानियों से अवगत कराया है।
विधायक अमीन पटेल ने अपने पत्र में लिखा है कि मुंबई में बड़ी संख्या में एसआईआर से संबंधित पुनरीक्षण कार्य जारी हैं। जिसके चलते स्थानीय निवासियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकलिंगम को पत्र एवं मिलकर अनुरोध किया है कि प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया जाए। पत्र में अमीन ने लिखा है कि जहां इमारतों का पुनर्विकास कार्य शुरू है, वहां के लोगों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है। ऐसे में उनके नामों का सही तरीके से पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
इसके आलावा जिन नागरिकों का मैपिंग कार्य अधूरा है, उन्हें पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय और सुविधा दी जाए। मतदाता सूची में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट बनाया जाए। इसके साथ ही संबंधित विधानसभा क्षेत्र में नियुक्त निर्णय अधिकारी की नियुक्ति शीघ्र की जाए, ताकि कार्य में तेजी आए। उन्होंने यह भी कहा कि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो ये प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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मुंबई में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील
मुंबई मनपा आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अश्विनी भिडे ने मुंबई शहर और उपनगरों में मतदाता सूची के एसआईआर कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की है। मनपा मुख्यालय में शुक्रवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि समय के साथ मतदाता सूची में बदलाव जरूरी होता है, क्योंकि कई लोग स्थानांतरित हो जाते हैं, कुछ के नाम दोहराए जाते हैं, कुछ मतदाताओं का निधन हो जाता है या फिर अवैध रूप से नाम दर्ज हो जाते हैं। इन सभी त्रुटियों को सुधारने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त ने बताया कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) की नियुक्ति की गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपने स्तर पर बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) नियुक्त करने की अपील की, ताकि यह प्रक्रिया अधिक प्रभावी तरीके से पूरी की जा सके।
Created On :   24 April 2026 9:23 PM IST











