एसआईआर प्रक्रिया हो निलंबित: मुख्य चुनाव आयुक्त दें इस्तीफा - कांग्रेस कार्यसमिति में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित, स्मृति का पलटवार

मुख्य चुनाव आयुक्त दें इस्तीफा - कांग्रेस कार्यसमिति में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित, स्मृति का पलटवार
  • नाकामी की समीक्षा की बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही कांग्रेसः स्मृति ईरानी
  • कांग्रेस कार्यसमिति में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. कांग्रस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब सीधा मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की मंगलवार को हुई बैठक में आरएसएस-भाजपा पर चुनाव प्रक्रिया पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए इसका विरोध करने का संकल्प लिया गया। सीडब्ल्यूसी की बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही सीडब्ल्यूसी की चार प्रमुख मांगें हैं, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, एसआईआर को तुरंत निलंबित करना, वोटर लिस्ट से हटाए गए 13 करोड़ से ज्यादा नामों को तुरंत बहाल करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग शामिल है।

कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और महासचिव जयराम रमेश ने एक संवाददाता सम्मेलन में सीडब्ल्यूसी में पारित प्रस्ताव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी पिछले डेढ़ साल से देश को 'वोट चोरी' के बारे में आगाह कर रहे हैं। हालिया खुलासे उनके दृढ़ संकल्प और कांग्रेस की लगातार कोशिशों का नतीजा हैं। आज, भारत के चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बहाल करने की देशव्यापी मांग उठ रही है।

सीडब्ल्यूसी ने इस बात को भी गंभीरता से रेखांकित किया कि भारत में चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर चिंताएं हालिया रिपोर्टों के बाद और गहरी हुई हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि निर्वाचन आयोग को एक व्यक्ति के नियंत्रण वाली संस्था में तब्दील कर दिया गया है और मुख्य चुनाव आयुक्त अन्य निर्वाचन आयुक्तों से बिना परामर्श किए निर्णय ले रहे हैं। देशव्यापी एसआईआर के दौरान मतदाता सूचियों पर नियंत्रण को भाजपा समर्थित कुछ अधिकारियों के हाथों में अभूतपूर्व रूप से केंद्रित किया जाना निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता के ताबूत में आखिरी कील साबित हो रहा है।

प्रमुख विपक्षी दल ने कहा कि कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक इसका विरोध करेगी, जब तक दोषियों को दंडित नहीं किया जाता, प्रत्येक नागरिक का वोट सुरक्षित नहीं हो जाता और निर्वाचन आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रुप में पुनर्स्थापित नहीं किया जाता।

नाकामी की समीक्षा की बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही कांग्रेसः स्मृति ईरानी

कांग्रेस और भाजपा के बीच केंद्रीय चुनाव आयोग को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पारित प्रस्तावों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए प्रमुख विपक्षी दल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 13 करोड़ 30 लाख नामों का जिक्र किया है, जिसके बारे में केंद्रीय चुनाव आयोग 26 सितंबर को जवाब दे चुका है। इसके बाद भी कांग्रेस ऐसा क्यों चाहती है कि मृत लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा करने की बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही है। भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने मंगलवार को यहां एक संवाददाता-सम्मेलन को संबोधित किया। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी ने कहा कि चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का काम करता है। इसके उलट कांग्रेस लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का भरोसा खो चुकी है। यही वजह है कि वह चुनाव आयोग को निशाना बना रही है।

Created On :   29 Sept 2026 8:13 PM IST

Tags

Next Story