रोजगार बाजार: युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने की तैयारी, 28 देशों में अवसर तलाश रही है सरकार

युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने की तैयारी, 28 देशों में अवसर तलाश रही है सरकार
  • महाराष्ट्र के युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने की तैयारी
  • शिक्षा-प्रशिक्षण-रोजगार की त्रिसूत्री जरूरी
  • 418 जगहों पर मेले, एक लाख से अधिक पंजीयन

डिजिटल डेस्क, मुंबई. महाराष्ट्र के युवाओं को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के रोजगार बाजार से जोड़ने की तैयारी राज्य सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आज सिर्फ डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। एआई, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तेजी से बदलती तकनीकों के दौर में युवाओं को लगातार नए कौशल सीखने होंगे। दुनिया के 28 से अधिक देशों में मानव संसाधन की मांग है और महाराष्ट्र के युवाओं को इन अवसरों के लिए तैयार करने पर सरकार का फोकस है।

एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय में मंगलवार को कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की ओर से ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले’ का कोंकण और नासिक संभाग के सभी जिलों में ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वीडियो संदेश के जरिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सहीदा परमानिक और कांती शंभू चव्हाण को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।

शिक्षा-प्रशिक्षण-रोजगार की त्रिसूत्री जरूरी

फडणवीस ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार की त्रिसूत्री पर काम करना होगा। देश की करीब 65% आबादी कार्यक्षम युवा शक्ति है। एक तरफ उद्योगों को कुशल मानव संसाधन चाहिए, तो दूसरी ओर युवाओं को रोजगार की जरूरत है। रोजगार मेले दोनों के बीच सेतु का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानव दर्शन की भावना के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।

418 जगहों पर मेले, एक लाख से अधिक पंजीयन

कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि महाराष्ट्र के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। कोंकण और नासिक संभाग के 12 जिलों में 418 स्थानों पर रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं। इनमें एक लाख से अधिक युवाओं ने पंजीयन कराया है, जबकि 1,500 से अधिक नियोक्ता शामिल हुए हैं। कंपनियों की ओर से 25 हजार से अधिक रोजगार अवसर दर्ज किए गए हैं।

लोढ़ा ने कहा कि युवाओं को केवल मेले तक लाने के बजाय रोजगार के लिए तैयार किया गया है। इसके लिए सात दिन का नि:शुल्क पूर्व-रोजगार प्रशिक्षण दिया गया, जिसका लाभ अब तक 61 हजार युवक-युवतियों ने लिया है। सरकार का लक्ष्य कम से कम 70% पंजीकृत युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना है।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि उच्च शिक्षा और कौशल विकास विभाग मिलकर युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते तैयार कर रहे हैं। विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को भाषा और आवश्यक कौशल का प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा।

महिलाओं के लिए विशेष रोजगार मेले

महिलाओं की रोजगार भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष रोजगार मेले भी आयोजित किए गए। इनमें 36 उद्यमियों ने भाग लिया। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने वाले स्टॉल भी लगाए गए।

Created On :   29 Sept 2026 9:19 PM IST

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