स्वास्थ्य को प्राथमिकता: जेजुरी हल्दी भंडारा की शुद्धता के लिए सरकार बनाएगी विशेष नीति, श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एफडीए मंत्री झिरवाल का फैसला

जेजुरी हल्दी भंडारा की शुद्धता के लिए सरकार बनाएगी विशेष नीति, श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एफडीए मंत्री झिरवाल का फैसला
  • श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एफडीए मंत्री झिरवाल का फैसला
  • जेजुरी हल्दी भंडारा की शुद्धता के लिए कदम

Mumbai News. पुणे जिले के पुरंदर स्थित सुप्रसिद्ध जेजुरी का खंडोबा मंदिर में श्रद्धा और परंपरा का प्रतीक माना जाने वाला ‘हल्दी भंडारा’ अब कानूनी दायरे में लाया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग जल्द ही जेजुरी के भंडारे के लिए विशेष नीति तैयार करेगा, जिसमें शुद्धता, पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी। इस संबंध में खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

दरअसल जेजुरी के खंडोबा मंदिर में मनाए जाने वाले हल्दी उत्सव को "हल्दी भंडारा' कहा जाता है। इसमें भक्त भगवान खंडोबा को हल्दी अर्पित करते हैं। इसे स्थानीय भाषा में "भंडारा' कहा जाता है। इसके तहते भगवान को हल्दी चढ़ाने के साथ-साथ भक्त गुलाल की तरह हल्दी उठाते हैं।

कुछ समय पहले जेजुरी गडकोट पर भंडारा उड़ाने के दौरान आग लगने की घटना हुई थी। इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे और विधानसभा में भी यह मुद्दा चर्चा में आया था। इसके बाद भंडारे की सुरक्षा और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक विक्रम पाचपुते, महेश शिंदे, राजू नवघरे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि मंदिरों में बिकने वाला ‘हल्दी भंडारा’ शुद्ध हल्दी से ही तैयार होना चाहिए और विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून 2006 के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इससे मिलावटी भंडारा बेचने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। नई नीति के तहत मंदिर परिसर में भंडारे के उपयोग को लेकर सुरक्षा नियम लागू किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को शुद्ध और मिलावटी भंडारे की पहचान समझाने के लिए सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य विभाग विशेष जांच अभियान चलाकर भंडारे की गुणवत्ता की जांच करेगा।

मंत्री नरहरी झिरवाल ने कहा कि यह महाराष्ट्र का सुप्रसिद्ध मंदिर है। यहां के भंडारे की शुद्धता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए उन्हें सुरक्षित और शुद्ध हल्दी भंडारा उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार के इस फैसले से जेजुरी के ‘हल्दी भंडारा’ को पहली बार कानूनी पहचान मिलेगी। मंदिरों में मिलावट रोकने की दिशा में इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

Created On :   15 May 2026 9:56 PM IST

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