सीबीआई का शिकंजा: एलआईसी से बड़ी जालसाजी - अनिल अंबानी और रिलायंस कैपिटल के ख़िलाफ़ सीबीआई ने दर्ज की प्राथमिकी

एलआईसी से बड़ी जालसाजी - अनिल अंबानी और रिलायंस कैपिटल के ख़िलाफ़ सीबीआई ने दर्ज की प्राथमिकी
  • 2684 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप, जांच जारी
  • झूठे दावों से जुटाया फंड, फिर की हेराफेरी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के साथ हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (आरकैप), इसके पूर्व चेयरमैन अनिल डी. अंबानी और कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कर ली है। आरोपियों पर आपराधिक साजिश रचकर एलआईसी को ₹2,684.57 करोड़ रुपये का भारी-भरकम वित्तीय नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक धन का गबन करने का गंभीर आरोप लगा है।

यह पूरी कार्रवाई एलआईसी(उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय, नई दिल्ली) के क्षेत्रीय प्रबंधक (कानूनी) मनोज कुमार तेजन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर शुरू की गई है। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की बैंकिंग सुरक्षा एवं धोखाधड़ी शाखा (बीएसएफ़बी), नई दिल्ली ने मामले का प्राथमिक अध्ययन किया और आरोपों को संज्ञान में लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।

झूठे दावों से जुटाया फंड, फिर की हेराफेरी

सीबीआई में दर्ज शिकायत के अनुसार, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड और इसके प्रमोटरों ने सोची-समझी योजना के तहत इस पूरी जालसाजी को अंजाम दिया। कंपनी ने एलआईसी के समक्ष फर्जी आंकड़े और गुमराह करने वाले तथ्य पेश किए। इन गलत दावों के आधार पर एलआईसी से ₹2,684.57 करोड़ का विशाल फंड प्राप्त कर लिया गया। फंड हासिल करने के बाद जिस उद्देश्य के लिए पैसा लिया गया था, वहां इस्तेमाल करने के बजाय इसे धोखाधड़ी से अन्य खातों और संदिग्ध संस्थाओं में डाइवर्ट (कर दिया गया। इतना ही नहीं, खुद को अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाने और एलआईसी को नुकसान पहुंचाने की नीयत से कंपनी के बही-खातों और वित्तीय दस्तावेजों में भी भारी हेरफेर और जालसाजी की गई।

कई कठोर आपराधिक धाराओं में केस दर्ज

सीबीआई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 409 (विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), और 477ए (खातों में हेरफेर) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) व 13(1)(डी) के तहत केस दर्ज किया है। प्राथमिकी में अनिल अंबानी के अलावा रिलायंस कैपिटल के पूर्व निदेशक सतीश सेठ, कंपनी के अन्य अज्ञात कर्मचारियों और कुछ अज्ञात लोक सेवकों को भी नामजद किया गया है।

सीबीआई का शिकंजा, तेजी से जारी है जांच

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई की बैंकिंग सुरक्षा शाखा के निरीक्षक देवेश पंसारी को मुख्य जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच एजेंसी अब इस बात का पता लगा रही है कि एलआईसी से ऐंठे गए हजारों करोड़ रुपये को किन-किन शेल कंपनियों या अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सीबीआई इस आपराधिक साजिश में शामिल आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर सकती है और कई ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई भी देखने को मिल सकती है।

Created On :   18 Sept 2026 9:49 PM IST

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