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आरटीआई: बीते 17 साल में मुंबई-गोवा हाईवे की लागत बढ़कर हुई 16 हजार 909 करोड़ रुपए

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई को गोवा से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-66 को चार लेन में चौड़ा करने की मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने के 17 साल बाद से अब तक परियोजना की लागत करीब 5,500 करोड़ रुपए बढ़ गई है। इसकी लागत बढ़ कर 16 हजार 909 करोड़ रुपए हो गई है। यह जानकारी सूचना अधिकार कानून (आरटीआई) से सामने आई है।
द यंग व्हिसलब्लोअर्स फाउंडेशन के जीतेन्द्र घाडगे द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया है कि महाराष्ट्र में एनएच-66 (मुंबई-गोवा महामार्ग) के 355 किलोमीटर हिस्से को चार लेन में बदलने वाले 10 पैकेजों की स्वीकृत लागत 11,409.14 करोड़ से बढ़कर 16,909.22 करोड़ हो गई है, यानी 48% की वृद्धि हुई है। इनमें से अकेले परशुराम घाट–आरावली खंड, जो चिपलून-रत्नागिरी क्षेत्र में है, की लागत 983 करोड़ रुपए से बढ़कर 2,226 करोड़ रुपए हो गई है। यानी इसमें 126 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो सभी खंडों में सबसे अधिक है। अब तक इस सड़क परियोजना पर 11,577 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, जो परियोजना के मूल स्वीकृत बजट से भी अधिक है, जबकि हाईवे के बड़े हिस्से अभी भी अधूरे हैं।
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एक्टिविस्ट घाडगे ने कहा कि सरकार ने कोंकण की जीवनरेखा को बिना किसी जवाबदेही के लागत में लगातार बढ़ोतरी के लिए एक एटीएम की तरह इस्तेमाल किया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मुंबई-गोवा हाईवे के साथ कई अन्य प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की तुलना में अलग व्यवहार किया गया है। जहां पनवेल-इंदापुर खंड का निर्माण NHAI कर रहा है, वहीं महाराष्ट्र के शेष हिस्से को निर्माण के लिए राज्य के सार्वजनिक निर्माण विभा (पीडब्लूडी) को सौंपा गया है और ये परियोजनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यक्रम के तहत लागू की जा रही हैं।
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गणेशोत्सव में दिखता है देरी का असर
मुंबई-गोवा हाईवे के निर्माण में हो रही देरी का सबसे ज्यादा असर गणेशोत्सव के दौरान दिखाई देता है, जब मुंबई में रहने वाले लाखों कोंकणवासी हर साल अपने पैतृक गांवों की यात्रा करते हैं। जिस सफर में सात घंटे लगने चाहिए, उसे पूरा करने में 12 घंटे से भी अधिक समय लग जाता है। बसें और कारें गड्ढों, अधूरे पुलों और सिंगल-लेन के बीच रेंगती हुई आगे बढ़ती हैं। महाराष्ट्र सरकार ने करीब सात वर्षों में 701 किमी लंबा मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग बनाया, जबकि मौजूदा मुंबई-गोवा हाईवे को चौड़ा करने में करीब 15 वर्ष लग चुके हैं और यह अब भी अधूरा है।
Created On :   18 Sept 2026 8:57 PM IST
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