बारामती उपचुनाव: भाजपा बड़े भाई की भूमिका निभाएगी, फडणवीस से मिलीं सुनेत्रा पवार, शिवसेना उद्धव पर अभी सस्पेंस कायम

भाजपा बड़े भाई की भूमिका निभाएगी, फडणवीस से मिलीं सुनेत्रा पवार, शिवसेना उद्धव पर अभी सस्पेंस कायम
  • अजित गुट से किसी ने हमसे संपर्क नहीं किया- सपकाल
  • शिवसेना (उद्धव) की भूमिका पर अभी सस्पेंस कायम
  • भाजपा बड़े भाई की भूमिका निभाएगी, फडणवीस से मिलीं सुनेत्रा पवार

Mumbai News. बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी दलों ने अपनी-अपनी रणनीति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राकांपा (अजित) प्रमुख सुनेत्रा पवार ने बुधवार को वर्षा बंगले पर मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार फडणवीस ने सुनेत्रा को भरोसा दिया कि इस उपचुनाव में भाजपा बड़े भाई की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इस बीच पर्चा वापस लेने को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि राकांपा (अजित) के किसी भी नेता ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। सपकाल ने कहा कि कुछ लोगों ने खबर फैलाई की भाजपा के नेता हमसे संपर्क में हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। वहीं शिवसेना (उद्धव) पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी इस उपचुनाव में अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

बड़े भाई की भूमिका निभाएंगे

मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात के दौरान सुनेत्रा पवार को बड़ा भरोसा मिला। सूत्रों के अनुसार फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि भाजपा इस उपचुनाव में बड़े भाई की भूमिका निभाएगी और उन्हें जिताने के लिए हर संभव मदद करेगी।मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर हुई इस बैठक में सुनेत्रा पवार के साथ सुनील तटकरे, पार्थ पवार और मंत्री हसन मुश्रीफ भी मौजूद रहे। करीब एक घंटे चली इस चर्चा में बारामती उपचुनाव की रणनीति और महायुति के तालमेल पर विस्तार से बात हुई। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख से ठीक पहले हुई इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।

कांग्रेस में उम्मीदवार को लेकर मतभेद

बारामती सीट पर कांग्रेस के भीतर ही मतभेद सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता उम्मीदवार वापस लेने के पक्ष में हैं और उन्होंने प्रचार से दूर रहने का संकेत दिया है। वहीं, एक अन्य गुट चुनाव लड़ने के फैसले पर अड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के नेता इस मुद्दे पर दिल्ली में हाईकमान से संपर्क साध रहे हैं। वहीं हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी सीट से चुनाव लड़ना हमारा अधिकार है। हमसे किसी भी नेता ने पर्चा वापसी के लिए कोई संपर्क नहीं किया है। इस सीट पर कांग्रेस ने आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया है। जबकि शरद गुट ने कोई उम्मीदवार नहीं दिया है। वहीं शिवसेना (उद्धव) ने इस उपचुनाव में अपना रुख साफ नहीं किया है। जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

23 अप्रैल को मतदान

बारामती उपचुनाव के लिए 23 अप्रैल को मतदान होगा। यह सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई थी। उनके निधन के बाद अजित गुट ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया और अब उन्हें ही इस सीट से मैदान में उतारा गया है।

Created On :   8 April 2026 9:44 PM IST

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