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भू-स्थानिक तकनीक से विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार, एमआरएसएसी अब बनेगी कंपनी

Mumbai News. महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (एमआरएसएसी) को अब कंपनी के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। अब तक सोसायटी अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत एमआरएसएसी को कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 के अंतर्गत कंपनी के रूप में रजिस्टर किया जाएगा। इस फैसले से राज्य में भू-स्थानिक (जियो स्पेशल) तकनीक के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। एमआरएसएसी की स्थापना वर्ष 1988 में राज्य सरकार ने योजना और निर्णय प्रक्रिया में जियो स्पेशल तकनीक के उपयोग के उद्देश्य से की थी। अब तक इस संस्था ने सड़कों, नगर नियोजन, जलयुक्त शिवार, ई-पंचनामा, महाअग्रिटेक, मैंग्रोव अध्ययन, भूजल प्रबंधन और खनन जैसे कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि अब एमआरएसएसी के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, वेब सर्विस और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जा रहा है। बदलती तकनीकी जरूरतों और बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए इस संस्था को कंपनी में बदलने का निर्णय लिया गया है। नई कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस नागपुर में होगा और मुख्य सचिव इसके अध्यक्ष होंगे। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से राज्य की विकास परियोजनाओं जैसे सड़क निर्माण, नगर नियोजन, जल प्रबंधन और खनिज प्रबंधन को नई गति मिलेगी।
Created On :   7 April 2026 9:38 PM IST












