नेस्को ड्रग्स केस: अभिनेत्री जिया जैकब के बैंक खाते में हुआ था 14.95 लाख रुपये का लेन-देन, फरार तस्कर करते थे इस खाते का इस्तेमाल

अभिनेत्री जिया जैकब के बैंक खाते में हुआ था 14.95 लाख रुपये का लेन-देन, फरार तस्कर करते थे इस खाते का इस्तेमाल
  • फरार तस्कर महेश खेमलानी और जिया करते थे इस बैंक खाते का इस्तेमाल
  • जिया के नाम पर था अकाउंट, लेकिन ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े तस्करों से इसी खाते में मंगवाई जाती थी रकम
  • खेमलानी के साथ 4 सालों से लिव इन में रह रही थी जिया

Mumbai News. दिवाकर सिंह। मुंबई के नेस्को ड्रग्स केस की जांच में वनराई पुलिस को बड़ा वित्तीय सुराग हाथ लगा है। इस मामले में पुलिस को गिरफ्तार अभिनेत्री जिया जैकब के बैंक खाते से कुल 14.95 लाख रुपये के लेन-देन के सुराग मिले हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह खाता जिया के नाम पर था, लेकिन इसे फरार ड्रग्स तस्कर और जिया का लिव इन पार्टनर महेश खेमलानी उर्फ मार्क मिलकर संचालित करते थे। जाँच में पता चला है कि खेमलानी ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े लोगों से पैसों का लेन-देन करने के लिए जिया के खाते का ही इस्तेमाल करता था। वह बैंक खाते की जानकारी और क्यूआर कोड उसके नेटवर्क में काम करने वाले ड्रग्स तस्करों को भेजता था, जिसके बाद तस्कर रकम सीधे इसी खाते में ट्रांसफर करते थे। पुलिस इसे ड्रग्स रैकेट की मनी ट्रेल का अहम हिस्सा मान रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों आयुष,विनीत, आनंद और शुभ ने मिलकर कुल 4.37 लाख रुपये जिया के इस बैंक खाते में खेमलानी के निर्देश पर भेजे थे, लेकिन बाकी के 10.58 लाख रुपये कहाँ से आये, इसकी जाँच की जा रही है। यह रकम संदिग्ध लेन-देन का हिस्सा है और इसका संबंध ड्रग्स सप्लाई से हो सकता है। फिलहाल ट्रांजेक्शन की पूरी चेन खंगाली जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी नकदी किसने जमा कराई, उसका स्रोत क्या था और क्या यह ड्रग्स कारोबार से अर्जित रकम थी।

महेश और जिया के रिश्तों से भी खुलासे

पुलिस की पूछताछ में जिया जैकब ने बताया कि उसकी महेश खेमलानी से पिछले 12 वर्षों से पहचान थी और दोनों पिछले चार वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। पुलिस का मानना है कि जिया को महेश के ठिकानों, संपर्कों और नेटवर्क की गहरी जानकारी हो सकती है। नेस्को ड्रग्स केस का मुख्य आरोपी महेश खेमलानी अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में कई ठिकानों पर दबिश दे रही है। रिश्तेदारों और करीबियों से भी पूछताछ जारी है। एक अन्य अधिकारी के अनुसार, यह सिर्फ बैंक खाते का मामला नहीं, बल्कि ड्रग्स सिंडिकेट की फंडिंग, नेटवर्किंग और मनी ट्रेल से जुड़ा बड़ा खुलासा है। जांच एजेंसियां अब इस रैकेट के बड़े चेहरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस ने सोमवार को रिमांड के लिए जिया को फिर से बोरीवली कोर्ट में पेश किया और सामने आये खुलासों के बाद कोर्ट ने उसे दोबारा 30 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

Created On :   27 April 2026 9:58 PM IST

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