प्रदूषण पर एनजीटी सख्त: भारी वाणिज्यिक वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर एनजीटी का महत्वपूर्ण कदम, उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित

भारी वाणिज्यिक वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर एनजीटी का महत्वपूर्ण कदम, उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित
  • पर्यावरण मंत्रालय के अपर सचिव की अध्यक्षता में बड़ा कदम
  • उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित की गई है
  • पर्यावरण मंत्रालय के अपर सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित
  • एक महीने में राज्यवार रिपोर्ट

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली. वायु प्रदूषण पर नियंत्रण एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), पश्चिमी क्षेत्रीय पीठ, मूल आवेदन संख्या 187/2026 (डब्ल्यू जेड), सुरती मोहम्मद आकिब इरफान एवं 2 अन्य बनाम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय व अन्य को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। न्यायाधिकरण ने आवेदन को स्वीकार करते हुए सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इस आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि न्यायाधिकरण ने भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अपर सचिव) की अध्यक्षता में एक संयुक्त समिति का गठन किया है। इस मामले को आगे की सुनवाई के लिए 08 दिसम्बर 2026 को सूचीबद्ध किया गया है।

इस समिति में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निदेशक, महाराष्ट्र, गोवा एवं गुजरात राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के सदस्य सचिव शामिल रहेंगे। समिति को आवश्यकता पड़ने पर इस क्षेत्र के अन्य विशेषज्ञों को भी शामिल करने की अनुमति दी गई है।

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शियो कुमार सिंह,डॉ. सुजीत कुमार बाजपेयी की पीठ द्वारा की गई। इस आवेदन में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत शामिल गैर-प्राप्ति शहरों में लगातार बढ़ते पीएम 2.5 वायु प्रदूषण तथा पुराने डीजल भारी वाणिज्यिक वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का गंभीर मुद्दा उठाया गया है। आवेदन में महाराष्ट्र, गुजरात एवं गोवा में चल रहे बीएस-VI से पूर्व के डीजल भारी वाणिज्यिक वाहनों से निकलने वाले सूक्ष्म कणों के प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की गई है। न्यायाधिकरण ने संयुक्त समिति को आवेदन में उठाए गए मुद्दों की जांच करने तथा एक महीने के भीतर महाराष्ट्र, गोवा एवं गुजरात के संबंध में अलग-अलग राज्यवार रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

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