बॉम्बे हाई कोर्ट: सिंहगढ़ टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी के खिलाफ कार्रवाई करने को दी चेतावनी, 5 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई

सिंहगढ़ टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी के खिलाफ कार्रवाई करने को दी चेतावनी, 5 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई
  • एसटीईएस द्वारा संचालित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेतन बकाया का मामला
  • 5 अक्टूबर 2026 को मामले की अगली सुनवाई

डिजिटल डेस्क, मुंबई. बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुणे के सिंहगढ़ टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी (एसटीईएस) द्वारा संचालित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों के बकाया वेतन नहीं चुकाने को लेकर कहा कि यदि एसटीईएस कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं करता और वेतन भुगतान की स्थिति में सुधार नहीं होता, तो संस्था के प्रबंधन के संबंध में संबंधित शैक्षणिक संस्थान प्रबंधन कानूनों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। अदालत ने अपने आदेश में कर्मचारियों के वेतन भुगतान, राज्य सरकार की वित्तीय देनदारी और एसटीईएस के प्रबंधन की जवाबदेही को प्रमुखता दी है। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को शिक्षण संस्थान की बकाया 27 करोड़ 90 लाख 31 हजार 81 रुपए की राशि अदालत में जमा करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को रखी गई है।

न्यायमूर्ति जी. एस. कुलकर्णी और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले की पीठ ने पुणे के सिंहगढ़ टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी (एसटीईएस) द्वारा संचालित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 1200 शिक्षकों एवं कर्मचारियों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि एसटीईएस के संचालन में गंभीर समस्या दिखाई दे रही है। वर्षों से कर्मचारियों को वेतन न मिलने और अपने मूल वेतन के लिए उन्हें मुकदमेबाजी करनी पड़ना अत्यंत गंभीर स्थिति है। यदि ऐसी समस्याएं बनी रहती हैं और एसटीईएस कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान नहीं करता, तो महाराष्ट्र शैक्षणिक संस्थान (प्रबंधन हस्तांतरण) अधिनियम 1971 और महाराष्ट्र शैक्षणिक संस्थान (प्रबंधन) अधिनियम 1976 के अंतर्गत कार्रवाई की आवश्यकता पर विचार किया जा सकता है। एसटीईएस के कर्मचारियों को उनके बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित करना होगा।

पीठ ने एसटीईएस के संस्थापक अध्यक्ष को निर्देश दिया कि लगभग 6000 कर्मचारियों में से वर्तमान याचिकाओं में शामिल लगभग 1200 कर्मचारियों के अतिरिक्त, कितने कर्मचारियों को वेतन मिल रहा है, कितने कर्मचारियों का वेतन बकाया है और उनकी वास्तविक स्थिति क्या है? इस संबंध में दस दिनों के भीतर अतिरिक्त हलफनामा दाखिल की जाए।

पीठ ने इस बात पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की कि ऐसे मामले न्यायालय तक क्यों पहुंचे? पीठ ने राज्य सरकार और संबंधित शिक्षा अधिकारियों से यह स्पष्ट करने को कहा कि जब संस्था के संचालन की निगरानी करना और कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करना उनके दायित्व में था, तब उचित कानूनी कार्रवाई समय पर क्यों नहीं की गई? मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को रखी गई है।

एसटीईएस के संस्थापक अध्यक्ष मारुति निवृत्ति नवले ने 18 सितंबर 2026 को हलफनामा दाखिल किया। इसमें बताया गया कि संस्था ने 1 अगस्त 2026 को कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान करने का आश्वासन दिया था। लगभग 21 करोड़ 4 लाख 11 हजार 160 रुपए की वेतन बकाया राशि 31 अगस्त 2026 तक चुकाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण पूरा भुगतान नहीं किया जा सका।

Created On :   20 Sept 2026 9:06 PM IST

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