आरोप-प्रत्यारोप: राज्य में पानी का नियोजन ध्वस्त, नेता और विधायक अपने क्षेत्रों में मोड़ रहे पानी - आव्हाड

राज्य में पानी का नियोजन ध्वस्त, नेता और विधायक अपने क्षेत्रों में मोड़ रहे पानी - आव्हाड
  • फरवरी तक सूख सकते हैं बांध, सरकार की भूमिका स्पष्ट नहीं
  • किसानों को 5 हजार रुपये की मदद नाकाफी

डिजिटल डेस्क, मुंबई. महाराष्ट्र में इन दिनों विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर माहौल गरम है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सूखे का मुद्दा कुछ दिनों से पीछे छूटता नजर आ रहा है। इसी बीच राकांपा (शरद) विधायक जितेंद्र आव्हाड ने राज्य में पानी के नियोजन को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पानी के प्रबंधन पूरी तरह से नेताओं के हाथ मे है। कुछ नेता, विधायक तथा पदाधिकारी अपने गांवों और चुनावी क्षेत्रों की ओर पानी मोड़ रहे हैं। आव्हाड ने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले दिनों में पानी का संकट और गंभीर हो सकता है। उन्होंने कहा कि फरवरी महीने तक राज्य के कई बांध सूख सकते हैं और हालात नियंत्रण से बाहर जा सकते हैं।

कौन छीन रहा है जनता के हिस्से का पानी?

जितेंद्र आव्हाड ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ जैसी स्थिति बन गई है। नहरों में दबदबा दिखाकर पानी मोड़ने का काम चल रहा है और अधिकारियों पर नेताओं का दबाव है। उन्होंने कहा कि अधिकारी नेताओं के सामने असहाय नजर आ रहे हैं, जबकि आम जनता को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।आव्हाड ने कहा कि महाराष्ट्र कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है और इस संकट का सामना करने के लिए सभी को साथ आना चाहिए। लेकिन सरकार की भूमिका स्पष्ट नहीं है। सरकार पानी के रिसाइक्लिंग की बात करती है, जबकि पहले यह बताना चाहिए कि नासिक में कितने जल शोधन और पुनर्चक्रण संयंत्र मौजूद हैं।

किसानों को 5 हजार रुपए की मदद नाकाफी

पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में आव्हाड ने कहा कि किसानों को दी जा रही 5 हजार रुपए की सहायता बेहद कम है। इस राशि से किसानों की वास्तविक समस्याएं हल नहीं हो सकतीं। सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए था और सकारात्मक कदम उठाने चाहिए थे। आव्हाड ने कहा कि किसान आत्महत्याओं को रोकने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।

नितेश राणे पर भी निशाना

आव्हाड ने भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राणे को भारत का इतिहास, नदियों और उनके उद्गम की जानकारी नहीं है। कुंभ मेला कहां और कितने वर्षों के अंतराल पर आयोजित होता है, इसकी भी उन्हें जानकारी नहीं है। आव्हाड ने सवाल किया कि जब महाराष्ट्र गंभीर संकट से गुजर रहा है, तब जाति और धर्म की राजनीति क्यों की जा रही है? उन्होंने पूछा कि नेता महाराष्ट्र के हित में काम कर रहे हैं या नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।

Created On :  

Tags

Next Story