शिकंजा: एसीबी ने रंगे हाथ दबोचा - आरटीओ दलाल कर रहा था वसूली, खत्म नहीं हो रहा दलाल राज, हिंगोेली टीम का छापा

एसीबी ने रंगे हाथ दबोचा - आरटीओ दलाल कर रहा था वसूली, खत्म नहीं हो रहा दलाल राज, हिंगोेली टीम का छापा
  • आरटीओ में खत्म नहीं हो रहा दलाल राज
  • रिकॉर्डिंग से कुछ ‘जिम्मेदार’ रडार पर
  • स्थानीय अधिकारियों को दूर ही रखा

Nagpur News. कामठी रोड स्थित ग्रामीण आरटीओ के पास दलाल के कार्यालय और निवास स्थान पर एसीबी ने एक साथ छापा मारा। यह कार्रवाई गुरुवार को हिंगोली एसीबी टीम ने की। कार्रवाई नहीं करने के लिए आरोपी दलाल ने ट्रांसपोर्टर मित्रों से 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। एसीबी ने उसे रकम लेते समय रंगेहाथ दबोच लिया। विभाग के स्थानीय अधिकारियों को कार्रवाई से दूर रखा गया। इस कार्रवाई के साथ ही ग्रामीण आरटीओ में वसूली का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अब आरटीओ के कुछ अधिकारी भी एसीबी के रडार पर हैं। गाज गिरने के डर से कुछ अधिकारी भूमिगत हो गए हैं। जरीपटका थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।

अधिकारियों के इशारे पर चल रहा था खेल

आरोपी आरटीओ दलाल सचिन कातुरे (43) मेडिकल चौक के पास रतन हाईट्स में रहता है। कामठी रोड स्थित नागपुर ग्रामीण आरटीओ कार्यालय के पास उसने ‘मिनी आरटीओ कार्यालय’ बना रखा है। वहीं से वह कुछ आरटीओ अधिकारियों के इशारे पर वसूली का गोरखधंधा चला रहा था। 31 वर्षीय ट्रांसपोर्टर और उसके मित्र ने 11 अगस्त को एसीबी को आरोपी के बारे में शिकायत की थी। कहा था कि आरोपी दलाल ने शिकायतकर्ता के 10 वाहनों और उसके मित्र के 9 वाहनों पर कार्रवाई नहीं करने के बदले प्रति वाहन 11 हजार रुपए प्रति माह और आरटीओ की सूची में वाहनों के नंबर दर्ज करने के बदले प्रति वाहन 6 हजार रुपए की मांग की थी।

स्थानीय अधिकारियों को दूर ही रखा

इस तरह 7 वाहनों के 42 हजार, 12 वाहनों के 1 लाख 26 हजार, यानी कुल 1 लाख 68 हजार रुपए की रिश्वत आरटीओ अधिकारियों के नाम पर मांगी गई थी। इसमें से 53 हजार रुपए आरोपी को फोन-पे के जरिए दिए जा चुके हैं। बाकी के 1 लाख 15 हजार रुपए तथा चालू महीने का हिसाब करने के लिए संध्या सचिन कातुरे फोन कर धमका रही थी। रकम नहीं मिलने पर सचिन ने कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। किसी आरटीओ अधिकारी की तरह उसका रौब था। मामले की गंभीरता को देखते हुए हिंगोली की टीम को विशेष तौर पर कार्रवाई करने के आदेश दिए गए थे। हिंगोली एसीबी की टीम ने विभाग के स्थानीय अधिकारियों को कार्रवाई से दूर रखा। उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगने दी गई। तय योजना के तहत बुधवार को ही टीम शहर में दाखिल हो गई। गुरुवार को आरोपी के कार्यालय और निवास स्थान पर एक साथ छापा मारा गया। कार्रवाई के दौरान उसे 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया गया। प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

रिकॉर्डिंग से कुछ ‘जिम्मेदार’ रडार पर

एसीबी के हाथ कुछ रिकॉर्डिंग लगी है, जिसमें कुछ अधिकारियों के नाम होने का सूत्रों ने दावा किया है। जिन अधिकारियों के नाम पर वसूली हो रही थी, वे अधिकारी तो एसीबी के रडार पर आ ही गए हैं। उन पर कार्रवाई की गाज गिरने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ‘वसूली’ को लेकर पहले भी सुर्खियों में रहा है, लेकिन तमाम शिकायतों के बावजूद अधिकारी खुद को पाक-साफ बताते रहे हैं। हालांकि, इससे पूर्व हुई कार्रवाई में एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।

आरटीओ में खत्म नहीं हो रहा दलाल राज

ग्रामीण आरटीओ लंबे समय से सुर्खियों का हॉटस्पॉट बना हुआ है। यहां लंबे समय से चल रहा दलाल राज खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी एसीबी ने यहां एक दलाल को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। नियमानुसार आरटीओ परिसर में दलालों की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए, लेकिन कुछ अधिकारियों की कथित शह के चलते इनकी जड़ें आरटीओ में मजबूत बनी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो वर्तमान में सैकड़ों ऐसे दलाल आरटीओ परिसर में घूमते रहते हैं, जो यहां आने वाले वाहनधारकों से विभिन्न दस्तावेज, लाइसेंस आदि बनवाने के लिए शासकीय शुल्क से चार गुना तक अधिक राशि वसूल रहे हैं। इससे वाहनधारकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दलालों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर कार्रवाई भी होती रही है, लेकिन इसके बावजूद आरटीओ परिसर में दलालों का दबदबा कम नहीं हो रहा है। गुरुवार की एसीबी कार्रवाई ने एक बार फिर ग्रामीण आरटीओ में सक्रिय दलालों और उनके कथित संरक्षण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


Created On :   14 Aug 2026 4:41 PM IST

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