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निशाना: वडेट्टीवार का सरकार पर हमला, पूछा - आदिवासी छात्रों के हक का पैसा आखिर जाता कहां है

Nagpur News. राज्य की आश्रमशालाओं में आदिवासी विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और इसके बावजूद निर्धारित निधि का पूरा उपयोग नहीं किया जा रहा है। आदिवासी विद्यार्थियों के अधिकार का पैसा आखिर जाता कहां है, यह सवाल कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार से किया है। आश्रमशालाओं की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि जिन आश्रमशालाओं में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें व्यवस्था सुधारने के लिए छह महीने का समय दिया जाना चाहिए। निर्धारित अवधि में स्थिति नहीं सुधरने पर ऐसी आश्रमशालाओं को बंद कर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय सरकार को सभी आश्रमशालाओं का नियमित निरीक्षण करना चाहिए और विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना चाहिए।
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वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
आश्रमशाला संचालक के खिलाफ दर्ज मामले को लेकर वडेट्टीवार ने कानूनी कार्रवाई का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने बदलापुर प्रकरण का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि वहां स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि संबंधित संचालक को एक संगठन से जुड़े होने के कारण संरक्षण दिया गया।
विकास कार्यों में असंतुलन का आरोप
राज्य में विकास कार्यों को लेकर भी वडेट्टीवार ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक ओर करोड़ों रुपये की बड़ी परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों के कारण लोगों की जान जा रही है और पुल गिर रहे हैं, लेकिन सरकार इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं में कमीशनखोरी हो रही है और आम लोगों की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी की जा रही है। वडेट्टीवार ने कहा कि विवादित शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बजाय सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों की स्कूलों, सड़कों, पुलों और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
जाति सत्यापन समितियों पर दबाव का आरोप
मराठा आरक्षण आंदोलन और मनोज जरांगे पाटिल द्वारा राजस्व मंत्री पर की जा रही टिप्पणियों को लेकर भी वडेट्टीवार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जाति सत्यापन समितियों पर दबाव बनाकर प्रमाणपत्रों को मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। वडेट्टीवार ने कहा कि जाति सत्यापन समितियों पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए। राजस्व मंत्री को निशाना बनाकर समितियों पर प्रभाव डालने का प्रयास एक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
Created On :   13 Aug 2026 7:51 PM IST











