पहले पेट्रोल पंप की डीलरशिप का दिखाया सपना फिर शातिर ठग ने चार्टर्ड अकाउंटेंट को लगा दिया 28 लाख का चूना

पहले पेट्रोल पंप की डीलरशिप का दिखाया सपना फिर शातिर ठग ने चार्टर्ड अकाउंटेंट को लगा दिया 28 लाख का चूना
  • न आईओसी की डीलरशिप मिली, न रकम लौटाई
  • तहसील पुलिस ने दर्ज किया मामला
  • कई किस्तों में रकम ली, महीनों तक प्रक्रिया चल रही है का देता रहा भरोसा
  • पहले दिखाया पेट्रोल पंप का सपना, फिर किस्तों में लेता रहा रकम

Nagpur News. पेट्रोल पंप की डीलरशिप मिल जाए तो कारोबार की अच्छी शुरुआत हो सकती है। इसी उम्मीद को एक कथित ठग ने चार्टर्ड अकाउंटेंट के सामने ऐसा सपना बनाकर पेश किया कि उसने भरोसा करते हुए एक-दो नहीं, बल्कि 28 लाख रुपए उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद शुरू हुआ इंतजार का सिलसिला। कभी डीलरशिप की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गई तो कभी जल्द खुशखबरी मिलने का भरोसा। महीनों गुजर गए, लेकिन न पेट्रोल पंप मिला और न ही 28 लाख रुपए वापस आए।

आखिरकार जब भरोसा टूट गया तो चार्टर्ड अकाउंटेंट ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। मामले की प्रारंभिक जांच के बाद तहसील पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता स्वप्निल विलास असरकर (41) इतवारी के सुदाम रोड निवासी हैं। उन्होंने भद्रावती, जिला चंद्रपुर के लोकमान्य स्कूल के पीछे शिंदे लेआउट निवासी आशीष रमेश कटकमवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

पहले दिखाया पेट्रोल पंप का सपना, फिर किस्तों में लेता रहा रकम

शिकायत के मुताबिक, आशीष ने स्वप्निल को भरोसा दिलाया कि वह उन्हें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के पेट्रोल पंप की डीलरशिप दिलवा सकता है। आरोपी की बातों पर विश्वास करते हुए स्वप्निल ने अलग-अलग तारीखों पर कई किस्तों में कुल 28 लाख रुपए उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए।

रकम मिलने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें भरोसा दिलाया कि डीलरशिप की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही पेट्रोल पंप से संबंधित काम आगे बढ़ जाएगा। इसी भरोसे में स्वप्निल इंतजार करते रहे।

महीने गुजरते गए, लेकिन न डीलरशिप मिली और न पैसे

समय बीतने के साथ स्वप्निल को डीलरशिप मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कई महीने गुजरने के बाद भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। बताया जाता है कि आरोपी लगातार प्रक्रिया आगे बढ़ने का भरोसा देता रहा।

आखिरकार स्वप्निल ने आरोपी से साफ तौर पर या तो डीलरशिप दिलाने या फिर उनकी 28 लाख रुपए की रकम वापस करने की मांग की। आरोप है कि इसके बाद भी न तो डीलरशिप दिलाई गई और न ही रकम लौटाई गई। लगातार टालमटोल के बाद स्वप्निल को ठगी का संदेह हुआ और उन्होंने तहसील पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

17 जनवरी 2025 से शुरू हुआ था रकम देने का सिलसिला

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 17 जनवरी 2025 से स्वप्निल से रकम लेना शुरू किया था। अलग-अलग मौकों पर उनसे भुगतान कराया गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को मामला दर्ज करने के पर्याप्त आधार मिले।

इसके बाद तहसील पुलिस ने 6 अगस्त 2026 को आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 314, 316 और 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस अब रकम के लेन-देन, आरोपी द्वारा किए गए दावों और डीलरशिप दिलाने के नाम पर किए गए वादों की जांच कर रही है।

Created On :   7 Aug 2026 8:42 PM IST

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