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हड़कंप: दादरा-नगर हवेली में नायलॉन मांजा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 6 करोड़ 26 लाख रुपए से अधिक का माल जब्त

डिजिटल डेस्क, नागपुर। प्रतिबंधित नायलॉन मांजे के खिलाफ नागपुर ग्रामीण पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दादरा और नगर हवेली के औद्योगिक क्षेत्र में नायलॉन मांजा बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से तैयार नायलॉन मांजा, उसे बनाने वाली मशीनें, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री समेत कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 450 रुपये का माल जब्त किया है। इस कार्रवाई से प्रतिबंधित मांजे की सप्लाई चेन का पर्दाफाश हुआ है। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डा हर्ष पोद्दार ने बताया कि फिलहाल आरोपी हाथ नहीं लग पाए लेकिन उनकी पहचान हो गई है। यह नेटवर्क फिलहाल गुजरात और दादरा- नगर हवेली के सिलवासा से जुडा बताया गया है। जिस जगह पर कार्रवाई की गई, वह बंद फैक्टरी थी। जब्त मशीनें कहां से मंगाई गई थीं। कंपनी बंद होने के बाद कैसे मांजा बनाया जा रहा था। इसकी छानबीन शुरू है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नागपुर में कंटेनर से पकड़ा गया था प्रतिबंधित मांजा
मामले की शुरुआत 8 दिसंबर 2025 को हुई थी। नागपुर ग्रामीण जिले के कलमेश्वर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत मौजा गोंडखैरी स्थित वीआरएल लॉजिस्टिक्स यार्ड में पुलिस ने एक कंटेनर से प्रतिबंधित नायलॉन मांजे की खेप पकड़ी थी। कंटेनर नंबर जी जे -21- वाई-3318 से नायलॉन मांजे की 1,200 प्लास्टिक चरखियां बरामद की गई थीं। इनकी कीमत 14 लाख 40 हजार रुपये बताई गई थी। इसके अलावा, परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे कंटेनर को भी जब्त किया गया, जिसकी कीमत 20 लाख रुपये थी। इस कार्रवाई में उस समय कुल 34 लाख 40 हजार रुपए का माल जब्त किया गया था। मामले में कंटेनर चालक छविनाथ मोहन निषाद (30), निवासी उत्तर प्रदेश, के खिलाफ कलमेश्वर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था।
सप्लाई चेन की जांच करते हुए फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान नागपुर ग्रामीण पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा ने प्रतिबंधित नायलॉन मांजे की सप्लाई चेन की गहराई से जांच शुरू की। पुलिस ने गोपनीय जानकारी, तकनीकी सबूतों और कंटेनर में मिले दस्तावेजों के आधार पर मांजे के मूल स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया। जांच के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग राज्यों में भेजी गईं। शुरुआत में गुजरात में दिए गए पते की जांच की गई, लेकिन वह पता गलत निकला। इसके बावजूद पुलिस ने जांच जारी रखी और विभिन्न सुरागों को जोड़ते हुए प्रतिबंधित नायलॉन मांजे के उत्पादन केंद्र का पता लगाया। जांच में सामने आया कि दादर और नगर हवेली के औद्योगिक क्षेत्र में नायलॉन मांजे का निर्माण किया जा रहा था।
बंद कंपनी में चल रही थी मांजे के उत्पादन की गतिविधियां
चौंकानेवाली बात यह है कि पुलिस जांच के दौरान 'मार्मिक इंडस्ट्रीज' नामक कंपनी के बारे में जानकारी मिली। कंपनी बंद होने के कारण पुलिस ने वहां तलाशी लेने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन के समन्वय से 21 अक्टूबर 2026 को कंपनी परिसर को खोलकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्रतिबंधित नायलॉन मांजे के निर्माण और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, बड़ी मात्रा में तैयार मांजा, प्लास्टिक की चरखियां, कच्चा माल, पाउडर, पैकेजिंग सामग्री, विभिन्न कंपनियों के रबर स्टांप और अन्य संबंधित सामान बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, परिसर में अलग-अलग ब्रांड के नाम से तैयार नायलॉन मांजा भी मिला। मौके पर उत्पादन, चरखियों पर मांजा लपेटने और उसकी पैकिंग से संबंधित सामग्री मौजूद थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने 88 हजार से अधिक नायलॉन मांजे की चरखियों सहित करीब 5 करोड़ 9 लाख 3 हजार 100 रुपये का तैयार नायलॉन मांजा जब्त किया। इसके अलावा, लगभग 95 लाख रुपये की मांजा बनाने वाली मशीनें और शेष कच्चा माल व अन्य संबंधित सामग्री भी जब्त की गई। इस तरह पुलिस ने पूरी कार्रवाई में कुल 6 करोड़ 26 लाख 43 हजार 450 रुपये का माल जब्त किया है।
पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक डा हर्ष पोद्दार और अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। ग्रामीण अपराध शाखा विभाग के पुलिस निरीक्षक अंकुश माने के नेतृत्व में दस्ते के सहायक पुलिस निरीक्षक स्नेहल राऊत ने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलहाल, मामले में आगे की जांच नागपुर ग्रामीण पुलिस द्वारा की जा रही है।
Created On :   22 Oct 2026 9:04 PM IST











