- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- नागपुर
- /
- केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र...
राष्ट्रपति भवन को ज्ञापन: केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

Nagpur News. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने राष्ट्रपति से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने राष्ट्रपति भवन को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा है।
अनिल देशमुख ने अपने ज्ञापन में कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, नागरिक और छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। उनका आरोप है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा अपनी बात शांतिपूर्वक रखे जाने के बावजूद पुलिस ने अचानक अत्यधिक बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया।
देशमुख ने दावा किया कि वह पिछले तीन दिनों से दिल्ली में मौजूद थे और उन्होंने पूरी घटना स्वयं देखी। उनके अनुसार, पुलिस ने छात्रों और छात्राओं पर अमानवीय तरीके से लाठियां बरसाईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कुछ छात्राओं के कपड़े तक फट गए, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
उच्चस्तरीय समिति से जांच की मांग
पूर्व गृह मंत्री ने राष्ट्रपति से मांग की है कि पूरे घटनाक्रम तथा पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय समिति के माध्यम से विस्तृत जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के आदेश देने वाले वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रत्यक्ष रूप से बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
देशमुख ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा लेने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने तथा पुलिस प्रशासन की कथित मनमानी पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रपति को आवश्यक निर्देश जारी करने चाहिए।
लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला
पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा "भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने और अपनी बात रखने का मौलिक अधिकार देता है। हाल में हुआ पुलिस लाठीचार्ज नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है।"
Created On :   22 July 2026 5:16 PM IST












