लैंडिंग: लंदन से आया आसमान का गजराज, 2 घंटे रुका और फिर हिंडन हुआ रवाना

लंदन से आया आसमान का गजराज, 2 घंटे रुका और फिर हिंडन हुआ रवाना
  • जून में नीट के प्रश्नपत्र लेकर आया था
  • भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर ने काहिरा के बाद नागपुर में लिया ठहराव

डिजिटल डेस्क, नागपुर. लंदन से भारत लौट रहे भारतीय वायुसेना के भारी सैन्य परिवहन विमान सी-17 ग्लोबमास्टर ने रविवार सुबह डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल, नागपुर पर लैंडिंग की। करीब 2 घंटे तक नागपुर में रुकने के बाद विमान सुबह 9:55 बजे हिंडन एयरबेस के लिए रवाना हुआ। सुबह करीब 11 बजे विमान ने गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस पर लैंडिंग की। अपनी विशाल बनावट और भारी सामान ढोने की क्षमता के कारण पहचाने जाने वाले इस विमान को ‘आसमान का गजराज’ भी कहा जाता है।

सुबह 9:55 बजे उड़ान भरी

जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर (सीबी-8001) 24 अक्टूबर को लंदन के स्टैनस्टेड एयरपोर्ट से रवाना हुआ था। विमान ने मिस्र की राजधानी काहिरा में ठहराव किया। रविवार सुबह 3:16 बजे भारतीय समयानुसार काहिरा से उड़ान भरने के बाद यह सुबह 8:11 बजे नागपुर पहुंचा। सूत्रों के अनुसार, नागपुर में ठहराव के दौरान विमान में ईंधन भरने के साथ अन्य तकनीकी कार्य भी किए गए। इसके बाद सुबह 9:55 बजे विमान ने नागपुर से उड़ान भरी।

भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर ने काहिरा के बाद नागपुर में लिया ठहराव

भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर जून 2026 में नीट परीक्षा के दौरान भी नागपुर पहुंचा था। उस समय विमान से नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र नागपुर लाए गए थे, जिन्हें यहां से अन्य शहरों के लिए रवाना किया गया था। इस बार लंदन से काहिरा होते हुए भारत लौट रहे सी-17 की नागपुर में लैंडिंग हुई।

77 टन तक सामान ले जाने की क्षमता

सी-17 ग्लोबमास्टर भारतीय वायुसेना के सबसे भारी रणनीतिक परिवहन विमानों में शामिल है। इन विमानों का अहम बेस हिंडन एयरपोर्ट है। यह विमान अक्सर लॉजिस्टिक्स, कार्गो, पर्सनल, डिप्लोमैटिक सपोर्ट या अन्य ऑपरेशनल कार्यों के लिए यूके और यूरोप जाते रहते हैं। करीब 53 मीटर लंबे इस विमान के पंखों का फैलाव लगभग 52 मीटर है। यह करीब 77 टन तक सामान ले जा सकता है। सैनिकों, सैन्य वाहनों, तोपों और राहत सामग्री की ढुलाई में इसकी अहम भूमिका है।

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