उल्लेखनीय वृद्धि: नागपुर यूनिवर्सिटी में शोध कार्यों को बड़ा सहारा, निधि वितरण 1.56 करोड़ से बढ़कर 2.90 करोड़ रुपये

नागपुर यूनिवर्सिटी में शोध कार्यों को बड़ा सहारा, निधि वितरण 1.56 करोड़ से बढ़कर 2.90 करोड़ रुपये
  • कॉलेजों के प्राध्यापकों को मिला कुल निधि का करीब 87% हिस्सा
  • 2024-25 में 2.35 करोड़ रुपये का था प्रावधान, 1.56 करोड़ हुए वितरित
  • 2025-26 में आरडीसी और आरजीएसटीसी से जारी हुए 2.90 करोड़ रुपये से अधिक

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए निधि वितरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्राध्यापकों के शोध प्रकल्पों के लिए वर्ष 2024-25 में 1 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक वितरित किए गए थे। वहीं, वर्ष 2025-26 में यह राशि बढ़कर 2 करोड़ 90 लाख 43 हजार 750 रुपये हो गई। यह निधि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभागों और संबद्ध महाविद्यालयों के प्राध्यापकों के अनुसंधान कार्यों के लिए जारी की गई है। इससे नए शोध प्रकल्पों, प्रयोगों और अकादमिक अनुसंधान को आर्थिक आधार मिलने की उम्मीद है।

2024-25 में 2.35 करोड़ रुपये का प्रावधान

विश्वविद्यालय ने वर्ष 2024-25 में शोध कार्यों के लिए 2 करोड़ 35 लाख रुपये का प्रावधान किया था। इसमें से 1 करोड़ 56 लाख 48 हजार 967 रुपये वितरित किए गए। संबद्ध महाविद्यालयों के प्राध्यापकों को 1 करोड़ 35 लाख 62 हजार 467 रुपये मिले, जबकि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभागों के प्राध्यापकों को 20 लाख 87 हजार 500 रुपये दिए गए। इस तरह निर्धारित प्रावधान में से 78 लाख 50 हजार 33 रुपये का वितरण नहीं हो सका था।

2025-26 में 2.90 करोड़ रुपये से अधिक की निधि जारी

वर्ष 2025-26 में अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (आरडीसी) से 2 करोड़ 40 लाख 18 हजार 750 रुपये वितरित किए गए। इसके अलावा, राजीव गांधी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आयोग (आरजीएसटीसी) से 50 लाख 25 हजार रुपये की निधि मिली। दोनों स्रोतों से कुल 2 करोड़ 90 लाख 43 हजार 750 रुपये जारी किए गए।

आरडीसी के माध्यम से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभागों को 32 लाख 46 हजार 253 रुपये और संबद्ध महाविद्यालयों को 2 करोड़ 7 लाख 72 हजार 497 रुपये मिले। वहीं, आरजीएसटीसी से विश्वविद्यालय के विभागों को 6 लाख रुपये और संबद्ध महाविद्यालयों को 44 लाख 25 हजार रुपये वितरित किए गए।

कॉलेजों के शोध प्रकल्पों को लेकर फैसला

दोनों शैक्षणिक सत्रों के आंकड़ों से स्पष्ट है कि शोध निधि का बड़ा हिस्सा संबद्ध महाविद्यालयों के प्राध्यापकों को मिला। वर्ष 2024-25 में वितरित कुल राशि में से 1 करोड़ 35 लाख 62 हजार 467 रुपये कॉलेजों को मिले थे। वर्ष 2025-26 में यह राशि बढ़कर 2 करोड़ 51 लाख 97 हजार 497 रुपये हो गई।

इस तरह वर्ष 2025-26 में जारी कुल निधि का लगभग 87% हिस्सा संबद्ध महाविद्यालयों के शोध प्रकल्पों के लिए दिया गया। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभागों के प्राध्यापकों को दोनों स्रोतों से कुल 38 लाख 46 हजार 253 रुपये मिले। निधि वितरण में हुई इस वृद्धि से महाविद्यालयों में शोध गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

Created On :   12 Oct 2026 5:32 PM IST

Tags

Next Story