RTMNU Nagpur: पढ़ाई बीच में छूटी तो भी साल नहीं होगा बेकार, क्रेडिट सुरक्षित रखकर दोबारा पढ़ाई का मिलेगा मौका

पढ़ाई बीच में छूटी तो भी साल नहीं होगा बेकार, क्रेडिट सुरक्षित रखकर दोबारा पढ़ाई का मिलेगा मौका
  • एक साल में प्रमाणपत्र, 2 साल में डिप्लोमा और 3 साल में बीए की डिग्री
  • नागपुर विद्यापीठ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बीए (ग्रामीण सेवाएं) का 4 वर्षीय पाठ्यक्रम लागू
  • अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स से आगे की पढ़ाई में काम आएंगे पहले अर्जित क्रेडिट

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान आर्थिक, पारिवारिक या किसी अन्य कारण से पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़े, तो विद्यार्थियों का पूरा साल बेकार नहीं जाएगा। राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विद्यापीठ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बीए (ग्रामीण सेवाएं) का 4 वर्षीय पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया है। इसके लिए दिशा-निर्देश क्रमांक 28/2026 जारी किए गए हैं। कुलगुरु डॉ. मनाली क्षीरसागर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में बहुविकल्पीय प्रवेश-निकास व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इसके तहत विद्यार्थी पढ़ाई बीच में रोकने के बाद दोबारा प्रवेश लेकर आगे की शिक्षा पूरी कर सकेंगे। पहले अर्जित किए गए क्रेडिट भी सुरक्षित रहेंगे और आगे की पढ़ाई में उनका उपयोग किया जा सकेगा।

जितनी पढ़ाई, उतनी योग्यता

इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थी को पढ़ाई के प्रत्येक चरण पर योग्यता हासिल करने का अवसर मिलेगा। एक साल यानी 2 सेमेस्टर पूरे करने पर 44 क्रेडिट के साथ स्नातक प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकेगा। 2 साल यानी 4 सेमेस्टर पूरे करने पर 88 क्रेडिट के साथ स्नातक डिप्लोमा मिलेगा। वहीं, 3 साल यानी 6 सेमेस्टर पूरे करने पर 132 क्रेडिट के साथ बीए की डिग्री हासिल की जा सकेगी। 4 साल का पाठ्यक्रम पूरा करने पर 172 क्रेडिट के साथ बीए ऑनर्स या ऑनर्स विद रिसर्च की डिग्री प्राप्त की जा सकेगी।

3 साल के भीतर दोबारा शुरू कर सकेंगे पढ़ाई

पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों को दोबारा प्रवेश लेने के लिए 3 साल तक का अवसर मिलेगा। इस अवधि में वे उसी संस्थान या किसी दूसरे संस्थान में प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। पहले अर्जित किए गए क्रेडिट का उपयोग अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स के माध्यम से आगे की पढ़ाई में किया जा सकेगा। हालांकि, विद्यार्थियों को प्रवेश की तारीख से अधिकतम 7 साल के भीतर पूरा पाठ्यक्रम समाप्त करना होगा। इससे व्यक्तिगत या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा पूरी करने का अवसर मिलेगा।

ग्रामीण जीवन से जुड़ी पढ़ाई और कौशल पर जोर

पाठ्यक्रम में किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव पर भी जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को व्यावसायिक कौशल, सामुदायिक गतिविधियों, क्षेत्रीय परियोजनाओं, प्रशिक्षण और इंटर्नशिप में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा स्वयंम और एनपीटीईएल जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के पाठ्यक्रमों के माध्यम से भी क्रेडिट अर्जित किए जा सकेंगे। इससे ग्रामीण सेवाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों के कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को विकसित करने में मदद मिलेगी।

12वीं के बाद प्रवेश, रिसर्च के लिए 7.5 सीजीपीए जरूरी

बीए (ग्रामीण सेवाएं) पाठ्यक्रम में 12वीं या 10+2 के समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। व्यावसायिक और द्वि-स्तरीय पाठ्यक्रम के माध्यम से 12वीं पास करने वाले विद्यार्थी भी प्रवेश के पात्र होंगे। चौथे वर्ष में ऑनर्स या ऑनर्स विद रिसर्च पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 3 वर्षीय बीए में कम से कम 7.5 सीजीपीए होना आवश्यक होगा। इसके साथ ही सभी विद्यार्थियों के लिए अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) आईडी बनाना अनिवार्य रहेगा।

Created On :   12 Oct 2026 6:16 PM IST

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