गतिमान प्रशासन!: मंत्रालय में 3 महीने से धूल खा रही पदोन्नति की फाइल, इंतजार में हैं साढ़े तीन सौ कनिष्ठ अभियंता

मंत्रालय में 3 महीने से धूल खा रही पदोन्नति की फाइल, इंतजार में हैं साढ़े तीन सौ कनिष्ठ अभियंता
  • पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं को 2 साल से प्रमोशन का इंतजार
  • नागपुर विभाग के 30 कनिष्ठ अभियंता भी प्रभावित
  • ‘गतिमान प्रशासन’ के दावों के बीच सुस्त कार्यप्रणाली से अभियंताओं में रोष

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महाराष्ट्र सरकार के ‘गतिमान प्रशासन’ के दावों के बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के करीब 350 कनिष्ठ अभियंता पदोन्नति के इंतजार में हैं। इन अभियंताओं की पदोन्नति से संबंधित फाइल पिछले 3 महीने से मुंबई स्थित मंत्रालय में डेस्क ऑफिसर के स्तर पर अटकी हुई है। नागपुर के मुख्य अभियंता कार्यालय की ओर से सिफारिश के साथ भेजी गई फाइल आगे नहीं बढ़ने से अभियंताओं में नाराजगी बढ़ रही है। नागपुर विभाग के भी करीब 30 कनिष्ठ अभियंता इससे प्रभावित हैं।

विभागीय व्यवस्था के अनुसार, कनिष्ठ अभियंता के पद पर भर्ती होने वाले अधिकारियों को 5 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद शाखा अभियंता के पद पर पदोन्नति दी जाती है। शाखा अभियंता किसी एक सेक्शन का प्रभारी होता है और उसके जिम्मे संबंधित क्षेत्र के कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी रहती है। हालांकि, संबंधित अभियंताओं का कहना है कि 7 वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद उन्हें पदोन्नति नहीं मिली है। राज्यभर में करीब 350 कनिष्ठ अभियंता इस प्रक्रिया के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

डेस्क ऑफिसर के तबादले का दिया जा रहा हवाला

पदोन्नति की फाइल मंत्रालय में पिछले 3 महीने से आगे नहीं बढ़ी है। अभियंताओं को हर बार यही जवाब मिल रहा है कि डेस्क ऑफिसर के तबादलों के कारण फाइल आगे बढ़ाने में परेशानी हो रही है। इस देरी से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका सवाल है कि प्रशासनिक स्तर पर होने वाले तबादलों का असर पदोन्नति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया पर आखिर कब तक पड़ेगा।

लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर के नेतृत्व वाले प्रशासन में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा की जा रही है। हालांकि, फाइल अभी तक संबंधित उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंची है।

उप सचिव से अतिरिक्त मुख्य सचिव तक पहुंचेगी फाइल

पदोन्नति की मंजूरी के लिए फाइल को कई प्रशासनिक स्तरों से गुजरना होगा। डेस्क ऑफिसर के बाद इसे उप सचिव, सह सचिव और सचिव के स्तर से होते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव तक पहुंचना है। इसके बाद ही पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

फिलहाल फाइल अतिरिक्त मुख्य सचिव की मेज तक कब पहुंचेगी और पदोन्नति पर निर्णय कब होगा, इसे लेकर स्पष्टता नहीं है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में शीतकालीन सत्र के बाद ही विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अभियंताओं में इस देरी को लेकर रोष है। उनका मानना है कि समय पर निर्णय नहीं होने से उनकी सेवा संबंधी प्रगति प्रभावित हो रही है।

Created On :   11 Oct 2026 7:49 PM IST

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