Nagpur News: अब बांस के उत्पाद तैयार कर महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर

अब बांस के उत्पाद तैयार कर महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
सीएसआईआर-नीरी ने शुरू किया स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम

Nagpur News नागपुर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। सीएसआईआर-नीरी ने महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए बांस हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य फ्लाई ऐश डंप साइट्स पर उगाए गए बांस से हस्तशिल्प उत्पाद तैयार करना और महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

पर्यावरण के अनुकूल बांस : 20 जून तक आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन कोराडी थर्मल पॉवर स्टेशन के मुख्य अभियंता सुदीप राणे ने किया। अध्यक्षता सीएसआईआर-नीरी के निदेशक डॉ. एस. वेंकट मोहन ने की। इस दौरान डॉ. महेंद्र पी. पाटील तथा केटीपीएस के उप कार्यकारी अभियंता प्रवीण बुटे उपस्थित थे। राणे ने कहा कि बांस आधारित उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की बड़ी क्षमता रखता है। डॉ. मोहन ने बांस को पर्यावरण पुनर्स्थापन, जलवायु अनुकूल बताया। डॉ. पाटील ने कहा कि बांस क्षतिग्रस्त और अनुपयोगी भूमि को पुनर्जीवित करने में सहायक है। महिलाओं के लिए आजीविका के स्थायी अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।

रोजगार सृजन का लक्ष्य : कार्यक्रम संयोजक एवं वैज्ञानिक डॉ. लाल सिंह ने सीएसआईआर-नीरी की बांस आधारित इको-रीजुवेनेशन टेक्नोलॉजी (ईआरटी) परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फ्लाई ऐश डंप स्थलों पर उगाए गए बांस के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन दोनों लक्ष्यों को एक साथ हासिल किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों को बांस की कटाई, उपचार और प्रसंस्करण पर मार्गदर्शन किया गया। इसके साथ ही हस्तशिल्प निर्माण, मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने, ब्रांडिंग, विपणन, उत्पाद डिजाइन तथा उद्यमिता विकास का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नागपुर में कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण, हरित रोजगार और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।


Created On :   19 Jun 2026 12:42 PM IST

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