आत्मनिर्भरता का दौर: राजनाथ ने कहा - अब युद्ध का दौर बदलेगा, हथियारों की जरूरत नहीं, एल्युमिनियम प्रेस का भूमिपूजन

राजनाथ ने कहा - अब युद्ध का दौर बदलेगा, हथियारों की जरूरत नहीं, एल्युमिनियम प्रेस का भूमिपूजन
  • नागपुर में 10,000 टन एल्युमिनियम प्रेस का भूमिपूजन
  • युद्ध में वही मजबूत, जो रक्षा जरूरतें खुद पूरी करें - राजनाथ
  • रक्षा मंत्री ने कहा - कॉरपोरेटाइजेशन से आया बड़ा बदलाव

Nagpur News. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि तकनीक और युद्ध के स्वरूप में लगातार बदलाव के बावजूद पारंपरिक युद्ध और सैन्य साधनों की अहमियत कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि 1947 में देश की सुरक्षा के लिए जिन सैन्य क्षमताओं की आवश्यकता थी, वे आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। वर्ष 2047 में भी उनकी उपयोगिता बनी रहेगी। इसलिए किसी भी देश के लिए मजबूत सैन्य औद्योगिक आधार तैयार करना और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना समय की मांग है।

नई परियोजना का शुभारंभ

  • नागपुर के अंबाझरी स्थित Yantra India Limited (वाईआईएल) में 10,000 टन क्षमता वाले अत्याधुनिक एल्यूमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस परियोजना का भूमिपूजन किया गया।
  • रक्षा मंत्री ने इसे केवल औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

आत्मनिर्भरता पर जोर

  • राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध या वैश्विक संकट के समय सबसे पहले सप्लाई चेन प्रभावित होती है।
  • ऐसे समय में वही देश मजबूत रहता है जो अपनी रक्षा जरूरतों का उत्पादन स्वयं कर सके।
  • भारत रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम कर स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा दे रहा है।

कॉरपोरेटाइजेशन का प्रभाव

  • रक्षा मंत्री के अनुसार, रक्षा क्षेत्र में कॉरपोरेटाइजेशन के बाद उत्पादन और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
  • रक्षा उत्पादन 2019-20 के 12,755 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 26,282 करोड़ रुपये हो गया।
  • रक्षा निर्यात 81 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,561 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

नई परियोजना के लाभ

शुक्रवार को नागपुर के अंबाझरी स्थित यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल) में 10,000 टन क्षमता वाले अत्याधुनिक एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस परियोजना के भूमिपूजन समारोह में उन्होंने यह बात कही। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

आयात घटाने में मदद करेगी नई परियोजना

रक्षा मंत्री ने कहा कि अंबाझरी में स्थापित होने वाला 10,000 मीट्रिक टन एल्यूमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस रक्षा, एयरोस्पेस और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों के लिए बड़े आकार, उच्च शक्ति और अत्यधिक सटीकता वाले एल्यूमिनियम उत्पादों का निर्माण करेगा। इससे महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों और प्रणालियों में उपयोग होने वाले एल्युमिनियम घटकों के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की स्वदेशी विनिर्माण क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।

इनकी रही उपस्थिति

समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा यंत्र इंडिया लिमिटेड के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।


Created On :   19 Jun 2026 7:17 PM IST

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