Nagpur News: नागपुर में बना पहला स्वदेशी ब्रह्मोस वॉरहेड, ट्रायल के लिए रवाना, अगले महीने से नियमित उत्पादन शुरू होगा

नागपुर में बना पहला स्वदेशी ब्रह्मोस वॉरहेड, ट्रायल के लिए रवाना, अगले महीने से नियमित उत्पादन शुरू होगा
  • सोलर इंडस्ट्रीज के चेयरमैन नुवाल का दावा
  • 100वें स्वदेशी ब्रह्मोस बूस्टर की भी रवानगी

Nagpur News देश की सबसे घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शामिल ब्रह्मोस के पहले स्वदेशी वॉरहेड का निर्माण नागपुर में किया गया है। नागपुर स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (एसडीएएल) की इकाई में विकसित इस वॉरहेड को गुरुवार को परीक्षण के लिए रवाना किया गया।

परीक्षण सफल रहने पर अगले माह से इसके नियमित उत्पादन की शुरुआत की जाएगी। यह जानकारी सोलर इंडस्ट्रीज के चेयरमैन सत्यनारायण नुवाल ने 100वें स्वदेशी ब्रह्मोस बूस्टर की रवानगी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दी। कार्यक्रम में ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी भी उपस्थित थे।

2018 में मिली थी तकनीक : ब्रह्मोस बूस्टर मिसाइल का शुरुआती रॉकेट इंजन होता है, जो लॉन्च के बाद उसे तेज गति और ऊंचाई देता है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के चेयरमैन, सीईओ एवं प्रबंध निदेशक डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी ने 100वें स्वदेशी ब्रह्मोस बूस्टर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। सोलर इंडस्ट्रीज को 2018 में ब्रह्मोस बूस्टर बनाने की तकनीक मिली थी। हालांकि, ब्रह्मोस परियोजना में रूस और ब्रह्मोस एयरोस्पेस दोनों की भागीदारी होने के कारण रूसी वैज्ञानिकों की जांच और मूल्यांकन के बाद सितंबर 2022 में उत्पादन की अंतिम मंजूरी मिली। मंजूरी मिलने के बाद सोलर ने केवल चार साल में ही 100 स्वदेशी बूस्टर बनाने में कामयाबी हासिल की है। कंपनी के अनुसार बढ़ती मांग को देखते हुए अगस्त से एक नई उत्पादन लाइन शुरू की जाएगी। इसके बाद प्रतिवर्ष करीब 150 ब्रह्मोस बूस्टर का उत्पादन संभव होगा।

2026 के अंत तक हर माह 12 बूस्टर का लक्ष्य : डॉ. जोशी ने 2026 के अंत तक प्रति माह 12 बूस्टर उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने पर जोर देते हुए गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने का आह्वान किया। डॉ. जोशी ने कहा कि 100 बूस्टरों का सफल उत्पादन भविष्य में क्षमता विस्तार की मजबूत नींव है।

उपराजधानी को मिलेगा बड़ा औद्योगिक फायदा : रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ब्रह्मोस वॉरहेड का उत्पादन शुरू होने से नागपुर में उच्च तकनीक आधारित निवेश, रोजगार और रक्षा विनिर्माण गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे शहर देश के प्रमुख रक्षा उत्पादन केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।


Created On :   19 Jun 2026 11:34 AM IST

Tags

Next Story