रिसर्च पर चर्चा: नए चिकित्सकीय ज्ञान का निरंतर आदान-प्रदान जरूरी, कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों की परिषद में विशेषज्ञों की राय

नए चिकित्सकीय ज्ञान का निरंतर आदान-प्रदान जरूरी, कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों की परिषद में विशेषज्ञों की राय
  • सर्जनों की मौजूदगी में क्लिनिकल रिसर्च पर चर्चा
  • वाल्व पुनर्निर्माण की तकनीकों पर मार्गदर्शन

Nagpur News. हृदय रोगों की समय पर पहचान और सही उपचार के लिए चिकित्सकीय ज्ञान का निरंतर आदान-प्रदान बेहद जरूरी है। शैक्षणिक परिषद के आयोजनों से चिकित्सकों को नवीनतम तकनीकों और उपचार पद्धतियों की ताजा जानकारी मिलती है। उन्हें खुद को अपडेट रखने के साथ-साथ मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। ऐसा देशभर से पहुंचे विशेषज्ञों ने संदेश दिया। हृदय रोगों के बढ़ते खतरे और आधुनिक उपचार पद्धतियों में तेजी से बदलाव हो रहे है। इस नवाचार व ज्ञान के आदान प्रदान के लिए नागपुर में कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों का शैक्षणिक परिषद का आयोजन किया गया।

सर्जनों की मौजूदगी में क्लिनिकल रिसर्च पर चर्चा

परिषद के दौरान ज्ञान का आदान-प्रदान, नवीन तकनीकों और जनजागरण पर लक्ष्य केंद्रित किया गया। देशभर से आए हृदय रोग विशेषज्ञों और कार्डियक सर्जनों की मौजूदगी में क्लिनिकल केस व रिसर्च पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने व्याख्यान और आम लोगों के लिए जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। सम्मेलन में जटिल और रोचक चिकित्सकीय प्रकरणों की प्रस्तुति ने विशेषज्ञों को प्रभावित किया। विशेष सत्र की अध्यक्षता डॉ. दीपक साने, डॉ. मोहन देशपांडे और डॉ. सुनीता कुंभलकर ने की। इस दौरान डॉ. इरशाद पठान ने पोस्ट सीएबीजी हाइब्रिड प्रक्रिया पर जानकारी दी। डॉ. ऋषिकेश उमलाकर ने कैल्सिफिक लेफ्ट मेन एंजियोप्लास्टी में आईवीयूएस तकनीक के सुरक्षित और दीर्घकालिक उपयोग पर अपना अनुभव साझा किया। विशेष अतिथि डॉ. पंकज मनोरिया ने ‘हाउ एचडी आईवीयूएस चेंज्ड माय पीसीआई डिसीजन्स’ विषय पर अपने अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक इमेजिंग तकनीकें किस प्रकार उपचार के निर्णयों को अधिक सटीक बनाती हैं।

वाल्व पुनर्निर्माण की तकनीकों पर मार्गदर्शन

सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. निधीश मिश्रा ने आपातकालीन हृदय उपचार में समयबद्ध हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. के. जी. देशपांडे स्मृति व्याख्यान श्रृंखला में डॉ. श्याम के. एस. थिंगनम ने महाधमनी वाल्व पुनर्निर्माण की आधुनिक तकनीकों पर मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान ‘आहार, व्यायाम और हृदय, स्वस्थ जीवन के लिए सरल बदलाव’ विषय पर चर्चा की गई। डॉ. निधीश मिश्रा और डॉ. विवेक मांडुरके ने उपस्थित लोगों को हृदय के प्रति जागरूक रहने और जीवनशैली में सुधार अपनाने का आह्वान किया। सम्मेलन में नई कार्यकारिणी का पदग्रहण समारोह आयोजित किया गया।

Created On :   27 April 2026 9:26 PM IST

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