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भव्य आयोजन: पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा - जीवन का उद्देश्य ईश्वर से जुड़ाव में निहित है, भव्य रामकथा का दिव्य शुभारंभ

Nagpur News. रेशमबाग ग्राउंड में रविवार से शुरू हुई श्रीराम कथा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जीवन के एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि,जीवन केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका वास्तविक उद्देश्य आत्मिक उन्नति और ईश्वर से जुड़ाव में निहित है। संतरानगरी में आज आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का भव्य संगम देखने को मिला, जब रेशमबाग ग्राउंड में दिव्य रामकथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर आयोजित विशाल कलश यात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। श्यामधाम मंदिर से प्रारंभ हुई यह भव्य कलश यात्रा रेशमबाग ग्राउंड तक पहुंची, जिसमें हजारों की संख्या में मातृशक्ति (बहनों) ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संपूर्ण वातावरण ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। सायं 5.30 बजे से रामकथा का शुभारंभ हुआ।
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पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रामकथा का रसपान कराते हुए आगे कहा कि, ‘अक्सर जीवन में एक उपलब्धि प्राप्त करने के बाद मन में यह प्रश्न उठता है, अब क्या बाकी है? किसके लिए करें और क्यों करें?’ इस गूढ़ विचार के माध्यम से उन्होंने श्रोताओं को आत्ममंथन करने, अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने और उसे पुनः परिभाषित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि, जीवन केवल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका वास्तविक उद्देश्य आत्मिक उन्नति और ईश्वर से जुड़ाव में निहित है। उन्होंने संदेश दिया कि, जब व्यक्ति अपने कर्मों के पीछे के ‘क्यों’ को समझ लेता है, तभी उसका जीवन सही दिशा में आगे बढ़ता है। यह दिव्य आयोजन बागेश्वर सेवा मंडल, नागपुर (मुख्य), बागेश्वर सेवा मंडल, उमरेड एवं ओम चैरिटेबल ट्रस्ट, बुटीबोरी के सहयोग से संपन्न हो रहा है। आयोजन समिति ने सभी सनातन धर्म प्रेमियों, राम भक्तों, हनुमान भक्तों एवं श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि, वे अपने इष्ट-मित्रों एवं परिवारजनों सहित इस दिव्य रामकथा में अवश्य सम्मिलित हों और इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनें।
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कथा शाम 5.30 बजे से: 30 अप्रैल तक गर्मी को देखते हुए कथा का समय प्रतिदिन शाम 5.30 बजे के बाद रखा गया है। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि, लगभग 2 वर्ष बाद मुझे उसी भूमि पर फिर से आने का सौभाग्य मिला है, जहां पहले भी कथा कह चुके हैं। कथा वाचक ने कहा कि, इस राम कथा के माध्यम से लोगों को भगवान श्रीराम और हनुमान जी से जोड़ना, हिंदुत्व के प्रति जागरूक करना और समस्त हिंदू समाज को एकजुट करना उनका मुख्य उद्देश्य है।
Created On :   27 April 2026 7:52 PM IST












