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विवाद पर सफाई: राम कथा के पहले दिन विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस, हिंदुत्व - बेटियों की जागरूकता और लव जिहाद पर रखे विचार

Nagpur News. पंचदिवसीय श्रीराम कथा के पहले कथा वाचक बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री ने अपने प्रवचनों, उद्देश्यों और हाल ही में दिए गए एक बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में उनके दिए वक्तव्य को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। हमने जो वक्तव्य दिया, वह गुरु महिमा के प्रति था कि हमारे देश के राजा, हिंदू हृदय सम्राट, हिंदुओं के सिरमौर, हिंदुओं के चक्रधर सम्राट छत्रपति वीर शिवाजी महाराज संतों, मठों, महंतों और आई तुलजा भवानी के प्रति कितने समर्पित थे। यदि हमारे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो, तो हम हृदय से क्षमा प्रार्थी हैं। यदि हम आपस में खींचतान करेंगे, तो इसका लाभ दूसरे लोग उठाएंगे।
कभी बुर्के वाली मत बनो...
‘लव जिहाद’ के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि देश भर में ऐसे मामलों में वृद्धि हो रही है। मध्यप्रदेश में एक वर्ष में 280 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं और महाराष्ट्र, खासकर मुंबई और नागपुर में भी इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग नाम और पहचान बदलकर इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल होते हैं। बेटियों को जागरूक करते हुए कहा- बेटियों, तुम दुर्गा बनो, काली बनो, पर कभी बुर्के वाली मत बनो।
जिहाद मुक्त समाज का लक्ष्य
उन्होंने युवाओं, खासकर बेटियों से अपील की कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम आदि पर सतर्क रहें। आजकल लोग अच्छी तस्वीरों, फिल्टर और मीठी बातों के जरिए फंसाने की कोशिश करते हैं। उनका उद्देश्य ‘जिहाद मुक्त समाज’ बनाना है और समाज में जागरूकता फैलाना है। हम नहीं चाहते कि हमारी बिटिया रील पर नाचे, हमारी बिटिया नाचनेवाली बने, यह हमारी संस्कृति नहीं।
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चच्चा के 30-30
उन्होंने कहा कि भविष्य में वे भी गृहस्थ जीवन अपनाएंगे और समाज के लिए कार्य करेंगे। उनका उद्देश्य राष्ट्रवादी सोच वाली पीढ़ी तैयार करना है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री इस विषय पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि मध्यप्रदेश में इस संबंध में कठोर कानून बनाए गए हैं। बढ़ती जनसंख्या पर कहा कि चच्चा के 30-30 और हमारे 4 भी न हो ऐसे कैसे? जनसंख्या का कानून सभी मजहबों पर समान हो।
मीडिया से अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने मीडिया से अपील की कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत न किया जाए, बल्कि सही भाव के साथ जनता तक पहुंचाया जाए। राम कथा के पहले दिन के समापन के बाद आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने धार्मिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर अपने विचार रखते हुए खासतौर पर बेटियों की जागरूकता, सांस्कृतिक पहचान और समाज में सतर्कता पर जोर दिया।
Created On :   27 April 2026 7:00 PM IST












