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प्रशासनिक उदासीनता: एसटी की हालत खस्ता - बसों का टोटा, लंबी दूरी का सफर कठिन, निजी बस संचालकों की हो रही चांदी

Nagpur News. एसटी महामंडल के बेड़े में बसों की भारी कमी है। विभाग को बसों की किल्लत के चलते लंबी दूरी की महत्वपूर्ण बसें बंद करनी पड़ी हैं। पहले जबलपुर और शिर्डी जैसे प्रमुख मार्गों पर बसें बंद की गईं और अब मूल, सिरोंचा और कान्हा किसली के लिए भी बसें नहीं चल रही हैं। इसके अलावा नाशिक और शेगांव जैसे धार्मिक स्थलों के लिए भी बसों की संख्या में भारी कटौती की गई है, जिससे यात्रियों को मजबूरी में निजी बसों का रुख करना पड़ रहा है।
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जबलपुर रूट के यात्री परेशान
विभागीय सूत्रों के अनुसार, कम आमदनी का हवाला देकर इन बसों को बंद कर दिया गया है। विशेष रूप से जबलपुर रूट की बस बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। यात्रियों को अब पहले सिवनी तक जाना पड़ता है और वहां से बस बदलकर जबलपुर पहुंचना पड़ता है।
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प्रशासनिक उदासीनता
डिपो से प्रतिदिन लगभग एक हजार बसों का आवागमन होता है, लेकिन वर्तमान में नई बसों की कमी और पुरानी बसों के रख-रखाव के अभाव में शेड्यूल बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यात्रियों का आरोप है कि महामंडल जानबूझकर फायदेमंद रूट बंद कर रहा है, जिसका सीधा लाभ निजी बस माफिया उठा रहे हैं। विडंबना यह है कि एक तरफ ‘समृद्धि महामार्ग' के जरिए सफर की दूरी कम हो गई है, वहीं एसटी महामंडल की एक भी बस इस स्थिति में नहीं है कि, उसे इस हाइवे पर सुरक्षित तरीके से दौड़ाया जा सके।
Created On :   26 April 2026 7:43 PM IST












