Nagpur News: धूप ने घटाया जंगल सफारी का क्रेज , 25 प्रतिशत कम हुई पर्यटकों की संख्या

धूप ने घटाया जंगल सफारी का क्रेज , 25 प्रतिशत कम हुई पर्यटकों की संख्या
जून होता है जंगल सफारी का सही लुत्फ उठाने का महीना

Nagpur News धूप का असर अब जंगल सफारियों पर भी देखने मिल रहा है। विदर्भ के ताडोबा, पेंच, उमरेड करांडला आदि जंगल सफारियों में पर्यटकों की संख्या लगातार कम हो रही है। अधिकारियों की माने तो 25 प्रतिशत घूमनेवाले कम हो गये हैं। दिन ब दिन यह संख्या घटती जा रही है। हालांकि जंगल सफारियों का समय धूप के कारण बदला है, लेकिन फिर भी धूप पर्यटक की संख्या कम कर रही है।

जंगल का रोमांच अनुभव करने के लिए जंगल सफारी हर किसी को पसंद है। विदर्भ की बात करें तो यहां पर पेंच, ताडोबा, करांडला, नवेगांव-नागझिरा, बोर व्याघ्र प्रकल्प है, जहां पर प्रति दिन सुबह शाम पर्यटकों को जंगल भ्रमन कराया जाता है। यह सफारी ठंड में घूमने के लिए कोई दिक्कत नहीं होती है। लेकिन बारिश में सफारी के रास्ते कीचड़ से खराब हो जाते हैं, वही पेड़ आदि भ्रमन मार्ग पर गिरने के कारण सफारी बंद रखी जाती है। लेकिन ग्रीष्म में सफारी खुली रहती है। गर्मियों की छुटि्टयों के कारण मार्च, अप्रैल तक जमकर रश रहता है। लेकिन इस बार अप्रैल में ही इतनी ज्यादा धूप बढ़ गई है, कि पर्यटक सफारी घूमने के लिए तौबा कर रहे हैं। करांडला, पेंच के अधिकारियों ने बताया कि, सुबह आधा घंटा पहले व शाम को आधा घंटा बाद में सफारी का समय बदला है। लेकिन इसके बाद भी पर्यटक कम होते जा रहे हैं।

वन्यजीवों का दीदार भी मुश्किल - धूप के कारण वन्यजीवों का दीदार भी मुश्किल हो गया है। धूप बहुत ज्यादा रहने से वन्यजीव छायादार जगहों पर छुपे रहते हैं। यहां तक बाघ भी बहुंत कम चलता है। ऐसे में जंगल भ्रमण के दौरान पर्यटकों को बाघ, तेंदुओ का दीदार भी मुश्किल हो गया है। यह एक कारण जंगल सफारी का क्रेज कम कर रहा है। अधिकारियों की माने तो मई के आखिर तक इसी तरह के हाल होते हैं। जून में सफारी का सही लुत्फ उठाया जा सकता है।

Created On :   22 April 2026 5:15 PM IST

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