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Nagpur News: सैकड़ों शिक्षकों का एक साल से रुका वेतन जारी करने का आदेश

Nagpur News बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने शालार्थ आईडी मामले में उलझे सैकड़ों शिक्षकों और कर्मचारियों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को एक साल से रोके गए इनके वेतन का तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति मुकुलिका जवलकर और न्यायमूर्ति नंदेश देशपांडे की पीठ ने याचिकाओं को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि, किसी भी कर्मचारी का वेतन बिना उचित नोटिस और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए रोकना अनुचित है।
यह है मामला : फरवरी 2025 में महाराष्ट्र में कथित फर्जी शालार्थ आईडी घोटाला सामने आने के बाद सरकार ने संदिग्ध नियुक्तियों की जांच शुरू की थी। सरकार का आरोप था कि, लगभग 600 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं हुई है। इसी आधार पर मार्च 2025 से उनका वेतन रोक दिया गया था। इसके खिलाफ शिक्षकों ने हाईकोर्ट का रुख किया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, जिसने जांच को जल्द पूरा कर हाईकोर्ट को अंतिम फैसला लेने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार : सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपने शपथपत्र में दलील दी कि, चूंकि नियुक्तियां और शालार्थ आईडी अवैध हैं, इसलिए ये शिक्षक सरकारी खजाने से वेतन पाने के हकदार नहीं हैं। हालांकि, अदालत ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि, संबंधित शिक्षकों पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। वेतन रोकने से पहले उन्हें कोई कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया। प्रक्रियात्मक खामियों के आधार पर सीधे वेतन रोकना गलत है।
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दोषी पाए जाने पर होगी वसूली : अदालत ने राहत तो दी है, लेकिन साथ ही सख्त शर्तें रखते हुए कहा कि, सरकार सभी दस्तावेजों की गहन जांच जारी रख सकती है। यदि जांच में कोई शिक्षक या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसे दिए गए वेतन की वसूली संबंधित स्कूल प्रबंधन और नियुक्ति के लिए जिम्मेदार शिक्षा विभाग के अधिकारियों से की जाएगी। फर्जी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से एड. आनंद परचुरे, स्कूलों की ओर से एड. कल्पना पाठक और सरकार की ओर से एड. संगीता जाचक ने पक्ष रखा। अन्य समान याचिकाओं पर भी जल्द फैसला आने की उम्मीद है।
Created On :   22 April 2026 1:23 PM IST














