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रुलाएगी बारिश: हीट वेव का खतरा बरकरार - पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस हुआ, अभी राहत की उम्मीद भी नहीं

Nagpur News. नीरज दुबे. झुलसाने वाली गर्मी के बीच हीट वेव का खतरा बना हुआ है। अभी राहत की उम्मीद भी नहीं है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में आधा डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। रविवार को नागपुर का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम से आ रही शुष्क हवा गर्मी को बढ़ा रही है। मौसमी प्रणाली विकसित नहीं होने से झुलसाने वाली गर्मी बनी हुई है। मध्य भारत व आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा में प्रति चक्रवात बना होने से तापमान बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। सोमवार को आसमान साफ रहेगा और तेज धूप पड़ेगी।
मौसम विभाग भी देश भर में कम बरसात
इस साल पूरे विदर्भ में भीषण धूप और गर्मी के साथ ही मानसून पर भी ‘सुपर अल नीनो’ का प्रभाव रहेगा। मौसम विभाग भी देश भर में कम बरसात होेने का अनुमान जता रहा है। विदर्भ में करीब 92 फीसदी ही बरसात का अनुमान है। ऐसे में अब प्रशासन से जल व्यवस्थापन और नागरिकों को जल संवर्धन करने की सलाह दी जा रही है। जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने जलसंपदा विभाग समेत सभी विभागों के साथ बरसात में स्थिति की समीक्षा की है। इस साल कम बरसात की संभावना को देखते हुए अगस्त माह तक जल आरक्षण पर निगरानी रखने का फैसला किया गया है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले अब तक जिले के बांधों में पर्याप्त पानी मौजूद है, लेकिन कम बरसात की स्थिति में अगले साल मार्च तक के लिए स्थिति बिगड़ सकती है। सोमवार को पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी इसे लेकर समीक्षा कर सकते हैं।
4 जिलों में विशेष असर
विदर्भ पाटबंधारे विकास महामंडल अंतर्गत नागपुर विभाग में 6 जिलों का समावेश है। इन जिलों में नागपुर, गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर, गड़चिरोली और वर्धा शामिल हैं। यहां 12 बड़े, 43 मध्यम श्रेणी और 315 लघु श्रेणी समेत कुल 370 बांधों का समावेश है। 370 बांधों से हर साल जलापूर्ति के साथ नियमित सिंचाई और औद्योगिक इस्तेमाल के लिए जल आरक्षण किया जाता है, लेकिन इस साल ‘सुपर अल नीनो’ के असर के चलते संभाग में चंद्रपुर और गड़चिरोली के अलावा 4 अन्य जिलों में 92 फीसदी ही बरसात का अनुमान है।
अगस्त तक होगा सूक्ष्म निरीक्षण, उपाय योजना
मौसम विभाग के मुताबिक, सुपर अल नीनो को लेकर जलसंपदा विभाग की ओर से जल आरक्षण को लेकर भी सूक्ष्म निरीक्षण और उपाय योजना की जा रही है। प्रतिवर्ष मार्च माह में बरसात के अनुमान पर जल आरक्षण को पेयजल, सिंचाई और अन्य उपयोग के लिए निर्धारित किया जाता है, लेकिन इस साल 31 अगस्त तक बरसात के बाद जल आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा।
शहर में नहीं पेयजल संकट
शहर में जलापूर्ति के लिए जनवरी माह तक प्रतिदिन 730 एमएलडी पानी लिया जा रहा था, लेकिन गर्मी का प्रकोप बढ़ते देखकर अब प्रतिदिन 765 एमएलडी पानी लिया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति के लिए तोतलाडोह से पानी लिया जाता है। तोतलाडोह बांध में पर्याप्त जलसंचय होने से शहर में जलापूर्ति के लिए परेशानी नहीं हो सकती है। इसके अलावा शहर में 353 सार्वजनिक कुओं की भी सफाई की जा रही है। महापौर नीता ठाकरे के अनुसार, शहर में बरसाती पानी का भूगर्भ स्तर बढ़ाने के लिए (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) करने को लेकर प्रयास किया जा रहा है। जलप्रदाय विभाग के कार्यकारी अभियंता श्रीकांत वाईकर के मुताबिक शहर में पेयजल को लेकर कोई भी परेशानी नहीं है।
जलसंवर्धन जरूरी
सोनाली चोपड़े, प्रभारी मुख्य अभियंता, जलसंपदा विभाग, मनपा ने मुताबिक इस बार सुपर अल-नीनो का खासा असर होने की संभावना है। ऐसे में सभी को जलसंवर्धन पर विशेष ध्यान देना होगा। वाहनों को धोने, आंगन में पानी डालने, नल को खुला रखने समेत अन्य लापरवाही से परहेज करना चाहिए।
Created On :   18 May 2026 6:09 PM IST












