Nagpur News: वरिष्ठ वैज्ञानिक भी साइबर ठगों के जाल में फंसे, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 2.87 लाख की ठगी

वरिष्ठ वैज्ञानिक भी साइबर ठगों के जाल में फंसे, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 2.87 लाख की ठगी
  • इंस्टाग्राम पर दिखाया गया था शेयर ट्रेडिंग का लुभावना विज्ञापन, फर्जी ग्रुप में जोड़कर निवेश के नाम पर बढ़ाया भरोसा
  • कम समय में अधिक मुनाफे का दिया झांसा, रकम वापस मांगने पर और निवेश करने का बनाया दबाव
  • साइबर थाने में मामला दर्ज, आरोपी के मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस की जांच जारी

Nagpur News शेयर ट्रेडिंग में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्था के वरिष्ठ वैज्ञानिक को अपना शिकार बना लिया। इंस्टाग्राम पर प्रसारित शेयर ट्रेडिंग के फर्जी विज्ञापन के जरिए संपर्क में आए साइबर अपराधियों ने उन्हें एक फर्जी ग्रुप में जोड़ा। ग्रुप में अन्य सदस्यों के नाम से निवेश पर भारी मुनाफा होने का दावा कर विश्वास कायम किया गया। इसके बाद वैज्ञानिक से 2 लाख 87 हजार 29 रुपये निवेश कराए गए। निवेश के बावजूद कोई लाभ नहीं मिलने और रकम वापस मांगने पर और अधिक पैसा लगाने का दबाव बनाया गया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने बैंक और पुलिस से संपर्क किया। साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस के अनुसार, बजाज नगर क्षेत्र के कुंशीकृज निवासी पंदीयान कप्पुस्वामी (40) केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्था में वरिष्ठ वैज्ञानिक हैं। उनके साथ यह घटना 28 जून से 21 सितंबर 2026 के बीच हुई। इस दौरान इंस्टाग्राम पर साइबर अपराधी ने शेयर ट्रेडिंग से संबंधित एक आकर्षक विज्ञापन प्रसारित किया था। विज्ञापन देखने के बाद पंदीयान ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने की जानकारी लेने में रुचि दिखाई।

इसी दौरान साइबर अपराधी ने उनसे संपर्क किया और कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद उन्हें एक फर्जी ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप के सदस्य इस तरह की जानकारी साझा कर रहे थे कि उन्होंने निवेश के जरिए बड़ी रकम कमाई है। इससे पंदीयान को भी निवेश से अच्छा मुनाफा होने का भरोसा हो गया और उन्होंने अलग-अलग तरीके से कुल 2 लाख 87 हजार 29 रुपये निवेश कर दिए।

निवेश के बाद जब उन्हें कोई लाभ नहीं मिला तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की। आरोप है कि इस पर साइबर अपराधियों ने रकम लौटाने के बजाय और अधिक निवेश करने के लिए दबाव बनाया। लगातार दबाव बनाए जाने के बाद पंदीयान को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने संबंधित बैंक और पुलिस से संपर्क किया।

मामले में धोखाधड़ी की पुष्टि होने के बाद साइबर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों के आधार पर उनकी तलाश कर रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस के हाथ आरोपियों तक पहुंचने के लिए कोई ठोस सुराग नहीं लगा था।


Created On :   22 Sept 2026 4:31 PM IST

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