पुलिस अलर्ट: 10 साल में अनेक अफवाहें चुनिंदा मामलों में कामयाबी, पुलिस ने सिर्फ गडकरी को धमकी देने वाले को ढूंढ निकाला था

10 साल में अनेक अफवाहें चुनिंदा मामलों में कामयाबी, पुलिस ने सिर्फ गडकरी को धमकी देने वाले को ढूंढ निकाला था
  • नकेल कसने में पुलिस तंत्र बेअसर
  • आईडी व नंबर फेक, आरोपियों को ढूंढना चुनौती

Nagpur News. प्रशांत बहादुरे. उपराजधानी नागपुर में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, अदालतों और वीआईपी आवासों को फोन और ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां मिलने का सिलसिला जारी है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मिली धमकी के एक मामले में कर्नाटक से आरोपी की गिरफ्तारी को छोड़ दिया जाए, तो अधिकांश मामलों में अफवाह फैलाने वाले आरोपी आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस के पास ऐसे असामाजिक तत्वों का पुख्ता डाटाबेस न होने और त्वरित कार्रवाई के अभाव के चलते सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अक्सर पुलिस यह तर्क देकर पल्ला झाड़ लेती है कि धमकियां ‘फर्जी आईडी' से बनाए गए ई-मेल और ‘फर्जी दस्तावेजों' पर लिए गए सिम कार्ड के जरिए दी गई थीं। मजबूत डिजिटल ट्रैकिंग और अपराधियों के केंद्रीय डाटा के अभाव में जांच एजेंसियां इन कॉलर और मेल भेजने वालों तक पहुंचने में नाकाम साबित हो रही हैं।

मामलों की पड़ताल जारी

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बम विस्फोट कराने के सभी मामलों में फेक ई-मेल आईडी व किसी और के नाम पर खरीदी किए गए सिम कार्ड का पता चला था। कुछ मामलों में चोरी के मोबाइल का इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी। सभी मामलों की विशेषज्ञों की मदद से पड़ताल जारी है।

अगस्त 2026 : स्कूलों, सरकारी दफ्तरों को धमकी

18 अगस्त 2026 को शहर के 18 स्कूलों को जिसमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेंटर प्वाइंट, पोद्दार, भवन्स, मॉडर्न स्कूल, मॉडर्न लिट्रा की शाखाएं शामिल हैं। कलेक्ट्रेट को भी धमकी दी जा चुकी है। हाई कोर्ट व जिला अदालत को भी धमकी मिलती रही है। संघ मुख्यालय, रेशमबाग स्थित हेडगेवार स्मृति मंदिर को भी पूर्व में बम से उड़ाने की धमकियां दी गई हैं। उसकी रेकी कर फोटो और वीडियो भी बनाया गया था। इस मामले में जम्मू कश्मीर से आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी।

अगस्त 2025 : निशाने पर गडकरी आवास

पुलिस नियंत्रण कक्ष में 112 पर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नागपुर स्थित आवासों (वर्धा रोड और महाल) को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। एक बार फिरौती भी मांगी थी। कुख्यात बदमाश को कर्नाटक के जेल से गिरफ्तार कर नागपुर लाया गया था। इक्का दुक्का मामलों को छोड़ दें, तो पुलिस अफवाह फैलाने वालों को धर दबोचने में नाकाम रही है।

अक्टूबर-नवंबर 2024 : फ्लाइट्स, रेलवे स्टेशन

देश भर की सैकड़ों उड़ानों और रेलवे स्टेशनों को फर्जी बम धमकियां भेजने वाले आरोपी जगदीश उइके को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह पहले भी इस तरह की फर्जी कॉल के मामले में पकड़ा जा चुका था।

मार्च 2024 : रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थल

नागपुर पुलिस कंट्रोल रूम को रेलवे स्टेशन व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर विस्फोट की झूठी सूचना देने वाले कॉलर को ट्रैक कर हिरासत में लिया गया।

जनवरी 2023 : आरएसएस मुख्यालय, वीआईपी क्षेत्र

नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय को बम से उड़ाने की अज्ञात फोन कॉल आई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर तलाशी ली गई, जो बाद में अफवाह निकली।

दिसंबर 2022 : फिर आरएसएस मुख्यालय

नए साल की पूर्व संध्या पर नागपुर पुलिस कंट्रोल रूम को अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसमें महाल स्थित आरएसएस मुख्यालय को उड़ाने की धमकी दी गई। तलाशी के बाद कॉल फर्जी साबित हुई।

मई 2022 : रेलवे स्टेशन पर विस्फोटक की हलचल

मुख्य रेलवे स्टेशन के बाहर पुलिस बूथ के पास लावारिस बैग मिलने से हड़कंप मचा रहा। बैग से डेटोनेटर और जिलेटिन की छड़ें बरामद हुईं, जिसे तुरंत निष्क्रिय कर हाई अलर्ट घोषित किया गया था।

2021 : सार्वजनिक प्रतिष्ठानों को फर्जी थ्रेट कॉल

पुलिस कंट्रोल रूम को सरकारी प्रतिष्ठानों में विस्फोटक होने की झूठी फोन कॉल मिली थी। बाद में पुलिस ने फर्जी सूचना देने के आरोप में गोंदिया निवासी जगदीश उइके को गिरफ्तार किया था।

2016-2018 : रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट पर अलर्ट्स

डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और नागपुर रेलवे जंक्शन पर लावारिस बैग और अज्ञात कॉल्स के चलते कई बार बम निरोधक दस्ते को तलाशी अभियान चलाना पड़ा, जो बाद में अफवाह साबित हुए।

पुलिस ‘अलर्ट'

  1. शहर के 18 स्कूलों और ज़िला कलेक्ट्रेट में 31 अगस्त तक बम धमाके की चेतावनी को लेकर पुलिस अलर्ट है। खुफिया तंत्र को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर विशेष ध्यान है। संबंधित स्कूलों को में ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा इंतज़ाम कड़े कर दिए हैं। धमकी के बाद कई जगहों पर गहन तलाशी ली गई, लेकिन कोई विस्फोटक या संदिग्ध चीज़ नहीं मिली। फिर भी, पुलिस ने स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
  2. पुलिस की अपील : संयुक्त पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी ने अपील की है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि या चीज़ दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। स्कूलों की जांच के लिए बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड को निर्देश जारी किए गए हैं। जल्द ही स्कूलों और शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की जाएगी।
  3. फैली रही दहशत : धमकी भरे ई-मेल सोमवार रात करीब 8 बजे विभिन्न स्कूलों में भेजे गए थे। मंगलवार की सुबह इसका पता चला। ज़िला कलेक्ट्रेट को भी मेल भेजा गया था। मेल प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा कमांडो फोर्स' और ‘खालिस्तानी समूह' के नाम से भेजे गए थे।
  4. गूगल और जी-मेल से मांगी जानकारी : संभावना जताई गई कि धमकी भरा ई-मेल फर्जी है, फिर भी पुलिस गहन जांच कर रही है। साइबर पुलिस ई-मेल के डिजिटल मार्क का पता लगा रही है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान के लिए गूगल और जी-मेल से जानकारी मांगी गई है।
  5. कंटेंट कुछ हद तक हिंदी और पंजाबी में : जांच में पता चला है कि ई-मेल का कंटेंट कुछ हद तक हिंदी और पंजाबी में है और इसमें संबंधित स्कूलों के खिलाफ खास विचारधारा से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं। धमकी देने वाले की पहचान करने की कोशिश जारी है।

Created On :   20 Aug 2026 3:42 PM IST

Tags

Next Story