सख्त कार्रवाई: चीतल का शिकार कर मांस का बंटवारा करते 6 शिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार, वन विभाग ने बर्तन और धारदार हथियार किए जब्त

चीतल का शिकार कर मांस का बंटवारा करते 6 शिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार, वन विभाग ने बर्तन और धारदार हथियार किए जब्त
  • 21 अगस्त तक वन कस्टडी में भेजे गए सभी आरोपी
  • मांस खाने के लिए शिकार की बात कबूली
  • घोरपड़ के खेत में चल रहा था मांस का बंटवारा

Nagpur News. कोंढाली वन परिक्षेत्र के मौजा घोरपड़ में चीतल का शिकार कर उसके मांस का बंटवारा करने का मामला सामने आया है। गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने निजी खेत में छापा मारकर छह आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। मौके से चीतल का कच्चा और पका हुआ मांस, मांस पकाने के बर्तन तथा धारदार हथियार बरामद किए गए। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्राथमिक अपराध सूचना (पीओआर) दर्ज कर कार्रवाई की गई है।

घोरपड़ के खेत में चल रहा था मांस का बंटवारा

कार्रवाई कोंढाली वन परिक्षेत्र के डोरली उपवनक्षेत्र तथा कोतवालबर्डी नियत क्षेत्र के अंतर्गत मौजा घोरपड़ के सर्वे नंबर 14/2 स्थित निजी खेत में की गई। वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ लोगों ने चीतल का शिकार करने के बाद उसके मांस का बंटवारा किया है। सूचना की पुष्टि के बाद वन विभाग का दस्ता मौके पर पहुंचा और घेराबंदी कर छह आरोपियों को पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान टीम को चीतल का कच्चा और पकाया हुआ मांस मिला। इसके अलावा मांस पकाने में इस्तेमाल किए गए बर्तन और धारदार हथियार भी बरामद किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने मांस खाने के उद्देश्य से चीतल का शिकार करने की बात स्वीकार की है। वन विभाग अब शिकार में इस्तेमाल किए गए तरीके और घटना में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की जांच कर रहा है।

इन छह आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तार आरोपियों में पुरुषोत्तम सुरतराम श्रीरामे (45), निवासी लेंडुरी, पोस्ट पांढुर्णा, जिला छिंदवाड़ा (मप्र), वर्तमान निवासी घोरपड़; विजय जीनू सकोम (24), निवासी जामुननाला, तहसील उमरेठ, जिला छिंदवाड़ा, वर्तमान निवासी घोरपड़; संतोष मनेस उईके (35), निवासी करपेपिपरिया, जिला छिंदवाड़ा, वर्तमान निवासी घोरपड़; सूरदास कुडडा उईके (30), निवासी लिमकुरय्यतवाड़ी, तहसील उमरेठ, जिला छिंदवाड़ा, वर्तमान निवासी घोरपड़; देवराव झनक कायदा (50), निवासी सुसुरडोह, पोस्ट धनेगांव, तहसील बिछवा, जिला छिंदवाड़ा, वर्तमान में घोरपड़ आए थे; तथा झामलाल बिरजू परते (46), निवासी लाडई, कलमेश्वर शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिक अपराध सूचना (पीओआर) के तहत वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के संबंधित प्रावधानों में कार्रवाई की गई है।

21 अगस्त तक वन कस्टडी

सभी आरोपियों को काटोल प्रथम श्रेणी न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उन्हें 21 अगस्त तक वन कस्टडी में भेज दिया है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि चीतल का शिकार किस तरीके से किया गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि शिकार केवल मांस सेवन के उद्देश्य से किया गया था या इसके पीछे किसी बड़े अवैध वन्यजीव मांस कारोबार की भी भूमिका है। कार्रवाई उपवनसंरक्षक (नागपुर) डॉ. विनीता व्यास के मार्गदर्शन में की गई। सहायक वनसंरक्षक (काटोल) संदीप भारती तथा वनपरिक्षेत्र अधिकारी (कोंढाली) पी.एन. नाईक के नेतृत्व में वनपाल एस.बी. मोहोड, साबले, शेटे, वनरक्षक शिसोदे, लामतुरे, तवले, कु. ठोंबरे तथा वनमजदूर राऊत ने कार्रवाई में सहयोग किया।

Created On :   19 Aug 2026 8:33 PM IST

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