एक ही पैटर्न से करोड़ों का चूना: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खेल!, नागपुर में दो को बनाया शिकार, सवा करोड़ रुपए से ज्यादा ऐंठे

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा खेल!, नागपुर में दो को बनाया शिकार, सवा करोड़ रुपए से ज्यादा ऐंठे
  • व्हॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर दिखाया करोड़ों के मुनाफे का सपना
  • रकम लगाते-लगाते खाली हो गए खाते
  • न मुनाफा मिला, न मूलधन

Nagpur News. शेयर ट्रेडिंग में बंपर मुनाफे का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने नागपुर में दो लोगों को अपना शिकार बनाया। बेलतरोड़ी और नंदनवन थाना क्षेत्र में सामने आए इन दो मामलों में ठगों ने पहले मोबाइल पर संपर्क किया, फिर व्हॉट्सऐप ग्रुप में जोड़कर निवेश का जाल बिछाया। भरोसा जमाने के बाद पीड़ितों से अलग-अलग किश्तों में रकम जमा कराई गई। जब लाखों रुपये खाते से निकल गए तो मुनाफे की बारी आई—लेकिन इसके बाद ठगों ने संपर्क ही तोड़ दिया।

दोनों मामलों में पीड़ितों से कुल 1 करोड़ 20 लाख 18 हजार 396 रुपये की रकम ठगी गई है।

पहला मामला : रिटायर्ड बैंककर्मी को 75.21 लाख का चूना

बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र में 65 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंककर्मी संजय देवराव चंदनखेड़े को साइबर ठगों ने निशाना बनाया। आरोपियों ने उनके मोबाइल पर ‘66188 ईलाईट ग्रोथ फार्म’ नाम से लिंक भेजा और इसके जरिए उन्हें करीब 135 सदस्यों वाले व्हॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया। ग्रुप में शेयर ट्रेडिंग और निवेश से जुड़े संदेशों के जरिए बड़े मुनाफे का भरोसा दिलाया गया। झांसे में आए चंदनखेड़े ने अलग-अलग तारीखों में रकम लगानी शुरू की। देखते ही देखते उनके द्वारा कुल 75 लाख 21 हजार रुपये निवेश कर दिए गए। इसके बाद जब मुनाफा निकालने की कोशिश की गई तो पूरा खेल खुलने लगा। न मुनाफा मिला और न ही निवेश की मूल रकम वापस आई। काफी प्रयासों के बाद जब रकम नहीं लौटी तो पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ। बेलतरोड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


दूसरा मामला : 34 वर्षीय निजी कर्मचारी से 44.97 लाख ठगे

नंदनवन थाना क्षेत्र में भी साइबर ठगों ने लगभग इसी अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। हर्षन बंडू महंत (34) को जनवरी 2023 से 7 मई 2026 के बीच एक मोबाइल नंबर से संपर्क किया गया। उनसे निवेश में रुचि होने की जानकारी ली गई और सहमति मिलते ही उन्हें व्हॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में निवेश के जरिए मोटे मुनाफे का लालच दिया गया। लगातार भरोसा दिलाकर पीड़ित से अलग-अलग समय पर रकम जमा कराई गई। इस तरह कुल 44 लाख 97 हजार 396 रुपये निवेश करा लिए गए। जब पीड़ित ने मुनाफे की रकम मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। इसके बाद मूल रकम भी वापस नहीं की गई। काफी कोशिशों के बाद जब कोई रकम हाथ नहीं लगी तो ठगी का खुलासा हुआ।

पुलिस अब मोबाइल नंबरों, व्हॉट्सऐप ग्रुप, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की कड़ियां जोड़ रही है। बेलतरोड़ी और नंदनवन पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी का यह खेल एक बार फिर यही सवाल खड़ा कर रहा है, व्हॉट्सऐप पर दिखने वाला ‘बंपर मुनाफा’ कहीं आपके बैंक खाते को ही खाली करने का जाल तो नहीं?

Created On :   18 Aug 2026 5:06 PM IST

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