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परेशानी: बेटी के दीक्षांत समारोह में जाना था अमेरिका, पुलिस की गलत रिपोर्ट से अटका पासपोर्ट

Nagpur News. अमेरिका में 30 और 31 अगस्त को आयोजित बेटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने जा रहे पिता का पासपोर्ट अचानक अटक गया। वजह बताई गई कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ में जब इसका सत्यापन हुआ, तो दावा पूरी तरह गलत निकला। कोर्ट ने पुलिस की गलत रिपोर्टिंग पर ध्यान देते हुए पासपोर्ट नवीनीकरण का रास्ता साफ कर दिया और एक सप्ताह में पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया।
पूरा मामला यह है
न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति रजनीश व्यास की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता विनय देशपांडे के मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से एड. उज्ज्वल देशपांडे ने बताया कि पासपोर्ट नवीनीकरण का आवेदन इस आधार पर रोक दिया गया कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही लंबित है। कोर्ट के समक्ष जब इस दावे का सत्यापन कराया गया तो मामला उलट निकला। सहायक सरकारी वकील की जांच में स्पष्ट हुआ कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है।
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गलत जानकारी से अड़ंगा
कोर्ट ने पाया कि शेगांव के पुलिस स्टेशन अधिकारी की ओर से आपराधिक मामला लंबित होने की गलत जानकारी दी गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पासपोर्ट नवीनीकरण नहीं हो सका। कोर्ट ने महत्वपूर्ण रूप से कहा कि जब आपराधिक कार्यवाही लंबित ही नहीं है तो पासपोर्ट नवीनीकरण में बाधा का कोई आधार नहीं बचता। चंूकि, याचिकाकर्ता द्वारा पासपोर्ट नवीनीकरण की मांग अपनी बेटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के उद्देश्य से की गई है, अतः इस प्रक्रिया में तेजी लाना आवश्यक है।
पासपोर्ट प्राधिकरण को तुरंत सूचित करने के निर्देश
अदालत ने शेगांव के पुलिस स्टेशन अधिकारी को निर्देश दिया कि वह तुरंत पासपोर्ट प्राधिकरण को सूचित करें कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। यह जानकारी मिलने के बाद यदि कोई अन्य कानूनी अड़चन नहीं है तो पासपोर्ट एक सप्ताह के भीतर नवीनीकृत करना होगा। कोर्ट ने इसी निर्देश के साथ याचिका का निपटारा कर दिया और जरूरत पड़ने पर भविष्य में दोबारा याचिका दायर करने की स्वतंत्रता भी दी।
Created On :   20 Aug 2026 4:07 PM IST












