नियमों की अनदेखी पड़ी भारी: गणेशोत्सव में नियम तोड़ने वालों पर पुलिस की सख्ती, 6 थानों में दर्ज हुए मामले, सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कार्रवाई

गणेशोत्सव में नियम तोड़ने वालों पर पुलिस की सख्ती, 6 थानों में दर्ज हुए मामले, सोशल मीडिया पोस्ट पर भी कार्रवाई
  • तेज आवाज में डीजे बजाने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर मंडलों व डीजे संचालकों के खिलाफ कार्रवाई
  • 885 अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, 1,010 असामाजिक तत्वों पर अस्थायी प्रतिबंध
  • 22 अवैध हथियार जब्त, 118 फरार आरोपियों की गिरफ्तारी,

डिजिटल डेस्क, नागपुर. गणेशोत्सव और विसर्जन के दौरान शांति, सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागपुर पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ के निर्देशों और पुलिस आयुक्त की अधिसूचना की अनदेखी कर तेज आवाज में डीजे बजाने, पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने तथा सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ शहर के छह प्रमुख थानों में मामले दर्ज किए गए। साथ ही, उत्सव के दौरान गड़बड़ी फैलाने की आशंका वाले 885 अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।

नियम तोड़ने वाले मंडलों और डीजे संचालकों पर कार्रवाई

विसर्जन जुलूस के दौरान निर्धारित सीमा से अधिक डेसिबल पर साउंड सिस्टम बजाने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने साक्ष्यों और वीडियोग्राफी के आधार पर एफआईआर दर्ज की।

कलमना थाने में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। एक मामले में बीएनएस की धारा 223, 270 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 33 और 133 के तहत कार्रवाई की गई। दूसरे मामले में बीएनएस की धारा 223, 270, 289, 293(5), महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 131, 133 के अलावा ध्वनि प्रदूषण नियम तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 15 के तहत मामला दर्ज किया गया।

भांडेवाड़ी थाने में दो मामले दर्ज हुए। इनमें बीएनएस की धारा 223, 292 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 33(1)(आर), 33(1)(एन), 131 और निषेधाज्ञा उल्लंघन के लिए धारा 135 के तहत कार्रवाई की गई।

हुडकेश्वर थाना क्षेत्र में देर रात तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने पर बीएनएस की धारा 223, 292 तथा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 131, 134 और 135 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

मानकापुर थाना क्षेत्र में पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ बीएनएस की धारा 223, 270, 292, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 135 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 5 और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया।

नंदनवन थाना क्षेत्र में निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 135 के तहत दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। वहीं, अजनी थाना क्षेत्र में भीड़ में गैरकानूनी गतिविधियों और शांति भंग करने के आरोप में बीएनएस की धारा 223, 38 और 136 के तहत कार्रवाई की गई।

कानून-व्यवस्था के लिए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

त्योहार के दौरान शहर में माहौल बिगाड़ने की आशंका वाले लोगों पर पुलिस ने पहले से ही नजर रखी थी। बीएनएसएस के तहत 885 अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। धारा 163 के तहत 1,010 असामाजिक तत्वों के खिलाफ अस्थायी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।

पुलिस ने 1,450 लोगों को नोटिस जारी किए, जबकि 51 लोगों को हिरासत में लिया गया। कार्रवाई के दौरान 22 आरोपियों से अवैध हथियार बरामद किए गए। इसके अलावा 118 फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने 766 रिकॉर्डेड अपराधियों, 413 तड़ीपार आरोपियों और 705 हिस्ट्रीशीटरों की जांच-पड़ताल की। सोशल मीडिया पर 13 भ्रामक अथवा आपत्तिजनक पोस्ट के संबंध में आईटी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।

पहले से जारी थे दिशा-निर्देश

पुलिस प्रशासन ने गणेश मंडलों के लिए विसर्जन का समय, ध्वनि तीव्रता की सीमा और जुलूस के मार्ग को लेकर पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद कई स्थानों पर निर्धारित समय के बाद भी हाई-डेसिबल डीजे, प्रेशर-मिड साउंड सिस्टम और अनधिकृत वाहनों का इस्तेमाल पाया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ डिजिटल वीडियोग्राफी के आधार पर नामजद मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान ध्वनि उपकरण भी जब्त किए गए।


Created On :   29 Sept 2026 9:50 PM IST

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