जिम्मेदार मौन: वैशाली नगर घाट पर अंधेरा असामाजिक तत्वों का डेरा, कुएं का पानी दूषित, मोटर भी बंद है

वैशाली नगर घाट पर अंधेरा असामाजिक तत्वों का डेरा, कुएं का पानी दूषित, मोटर भी बंद है
  • शहर के दहनघाटों की बदहाल स्थिति ने मनपा प्रशासन के कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी है
  • कहीं मुखाग्नि देने के लिए बनाए गए ओटे में गड्ढे पड़ गए हैं, तो कुछ घाटों में खंभे पर लटक रही
  • लाइट शो पीस बनकर रह गईं हैं, अंतिम संस्कार के लिए आने वालों के लिए पानी का इंतजाम भी नहीं है।
  • शौचालयों की स्थिति इस कदर खराब है कि दरवाजे की कुंडियां, नल की टोटियां गायब हैं...

Nagpur News. शहर के दहनघाटों की स्थिति कहीं से भी संतोषजनक नहीं। वैशाली नगर दहनघाट उन्हीं में से एक है, जहां अंधेरा कायम है। मौके का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों ने डेरा जमाया है। स्थानीय नागरिक बताते हैं कि कई शिकायतें की गई, लेकिन जिम्मेदार टस से मस नहीं हुए। आखिरकार शिकायतें करना ही छोड़ दिया है।

उचित कदम उठाया जाएगा

गणेश राठोड़, सहायक आयुक्त, आशी नगर जोन, मनपा के मुताबिक वैशाली नगर घाट पर जो समस्या है, उसे सुलझाने के लिए जो भी निधि की आवश्यकता पड़ेगी, उसके लिए बजट से उपलब्ध कराई जाएगी। सामान्य समस्या सुलझाने के लिए तत्काल उचित कदम उठाया जाएगा। मैं प्रत्यक्ष स्थिति का जायजा लेकर उसे सुलझाने का प्रयास करूंगा।

झाड़ियाें से हो रही परेशानी

वैशाली नगर दहनघाट पर अग्नि संस्कार, डीजल शव दाहिनी और दफनाने का इंतजाम है। डीजल शवदाहिनी बंद है। अग्नि संस्कार के ओटे में गड्ढे पड़ गए हैं। दफन विधि करने की जगह झाड़ियां उगी हैं। इससे परेशानी हो रही है।

पानी टंकी की दो साल से सफाई नहीं

पीने के पानी की टंकी है, लेकिन दो साल से उसकी सफाई नहीं हुई। एक कुआं है। उसमें कचरा गिरने से पानी दूषित है। कुएं में मोटर-पंप लगा है, लेकिन वह भी बंद बताया गया है। पीने के पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ता है।

बगीचे के पौधे सूख गए

दहनघाट में बरसों पहले बगीचा बनाया गया। उसका नियमित रख-रखाव नहीं किए जाने से पौधे सूख गए। कचरा साफ नहीं किए जाने से पौधे कचरे में ढंक गए हैं।

पेड़ और ट्री गार्ड गायब

एक सामाजिक संस्था ने कुछ साल पहले पौधारोपण किया था। 60-70 पौधे लगाए गए। सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाए थे। पौधों ने पेड़ में तब्दील होने से पहले ही दम तोड़ दिया। 5-6 ट्री गार्ड बचे हैं। बाकी ट्री गार्ड असामाजिक तत्वा चूरा कर ले गए।

हाईमास्ट लाइट बंद पड़ी है

सूत्रों ने बताया कि 4-5 साल पहले मनपा ने हाईमास्ट लाइट लगाए थे। बड़ी मुश्किल से 6 महीने चले। उसके बाद बंद हो गए, जो अभी तक बंद पड़े हैं। स्ट्रीट लाइट पेड़ों की टहनियों से ढंग गई है, जिसकी वजह से हमेशा अंधेरा रहता है।

सुरक्षा दीवार टूटी

दहनघाट को सुरक्षा दीवार बनाई गई है। वह जगह-जगह टूट गई है। वहां से मवेशी तथा असामाजिक तत्व अंदर प्रवेश करते हैं। असामाजिक तत्वों ने उसे अपना डेरा बनाया है।

अतिरिक्त वसूली की शिकायत

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मनपा का नियंत्रण नहीं रहने से दहनघाट में मृतकों के परिजनों से अतिरिक्त वसूली की जाती है। लकड़ी का निर्धारित शुल्क 2796 रुपए है। 7.5 मन लकड़ी के साथ में 10 किलो गोबरी नि:शुल्क दी जाती है, जबकि वैशाली नगर दहनघाट पर 1100 रुपए लिए जाते हैं। दूसरे दिन अस्थि राख उठाने के 200 रुपए और मृतक का प्रमाणपत्र देने के लिए 100 रुपए वसूले जाते हैं।

जिम्मेदारों का प्रतिसाद नहीं

वैशाली नगर दहनघाट की समस्याओं पर आशी नगर जोन के जोनल ऑफिसर प्रमोद आत्राम से संपर्क करने पर प्रतिसाद नहीं मिला। मंगलवारी जोन की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास है। शुक्रवार को भी उनसे संपर्क करने पर फोन रिसिव नहीं किया।

Created On :   5 April 2026 8:10 PM IST

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