अमरावती: उमेश कोल्हे हत्याकांड के आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत 

July 22nd, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। विशेष अदालत ने अमरावती के केमिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या के मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्रारंभिक जांच के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी की निलंबित प्रवक्ता नुपूर शर्मा के पोस्ट का समर्थन करने के चलते कोल्हे की कथित रुप से हत्या कर दी गई थी। इससे पहले कोर्ट ने सातों आरोपियों को 22 जुलाई तक के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में भेजा था। आरोपियों की हिरासत अवधि शुक्रवार को खत्म हो रही थी लिहाजा सभी आरोपियों को न्यायाधीश के सामने पेश किया गया। 

इस दौरान आरोपियों के वकील अली काशिफ खान देशमुख ने कहा कि एनआईए के पास आरोपियों के आतंकी संगठन से जुड़े होने को लेकर कोई सबूत नहीं है। जांच एजेंसी आरोपियों की तीन बार रिमांड (हिरासत) ले चुकी है लेकिन आरोपियों की उदयपुर अथवा देश की किसी दूसरी घटना से जुड़ाव को लेकर कोई सबूत नहीं पेश कर पायी है। इसलिए अब आरोपियों को एनआईए की हिरासत में भेजने का कुछ आधार नहीं बचा है। यहीं वजह है कि एनआईए आरोपियों की हिरासत को लेकर इच्छुक नहीं है। इससे पहले अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि इस मामले से जुड़े इलेक्ट्रानिक सबूतों के साथ छेड़छाड की गई है। इसके अलावा अभी भी एक आरोपी मामले में फरार है। अभी भी मामले को लेकर हमारी जांच जारी है।

इन दलिलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जिन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है उनके नाम इरफान खान, मुदस्सर अहमद, शहरुख पठान, अब्दुल तौफीक, शोएब खान, आतिब रशीद और यूसुफ खान है। गौरतलब है कि अमरावती के घंटाघर के श्याम चौक इलाके में कोल्हे की चाकू मार कर हत्या कर दी गई गई थी। प्रारंभिक जांच में पता चला था कि कोल्हे ने भारतीय जनता पार्टी की निलंबित प्रवक्ता नुपूर शर्मा का सोशल मीडिया पर समर्थन किया था। इसके चलते उनकी हत्या की आशंका जाहिर की गई थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया था। किंतु इस बीच एनआईए ने इस पूरे प्रकरण की जांच को अपने हाथ में ले लिया । इसलिए आरोपियों को एनआईए को सौप दिया गया था।