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औरंगाबाद में 145 कोरोना पॉजिटिव, अकोला में 30- एक की मौत

औरंगाबाद में 145 कोरोना पॉजिटिव, अकोला में 30- एक की मौत

डिजिटल डेस्क, औरंगाबाद। जिले में कोरोना का प्रसार एक बार फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। गुरुवार सुबह 145 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कुल मरीजों की अब तक की संख्या 2420 पर जा पहुंची है। एक साथ इतने मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग चिंता में है। अभी तक 121 लोग इलाज के दौरान जान गंवा चुके हैं। 1317 मरीज कोरोना मुक्त हुए हैं। 982 का इस समय उपचार जारी है।

 
अकोला में 30 पाजिटिव, एक की मौत, कुल 914

उधर अकोल में गुरुवार को 30 मरीज पॉजिटिव आए हैं। जबकि बुधवार को एक बुजुर्ग की मौत हुई थी। जिले में कुल बाधितों का आंकड़ा अब 914 है। जबकि इस समय इलाज करवा रहे मरीजों की संख्या 294 है। कोरोना से मरने वालों की संख्या में भी प्रति दिन वृध्दि हो रही है। 43 मरीज कोरोना से मौत के आगोश में समा चुके हैं, जिसमें एक आत्महत्या का मामला शामिल है।

सुबह के 28 मरीज पॉजिटिव मिले थे। जिसमें 10 महिलाएं तथा 18 पुरुष शामिल थे, जबकि शाम की रिपोर्ट में केवल दो मरीज पॉजिटिव आए। पांच मरीज आदर्श कालोनी, तीन खदान, दो लोग तार फैल से दो मरीज इंदिरा नगर वाड़ेगांव से, दो सिंधी कैम्प से, दसेरा नगर, गुलजार पुरा, दगड़ी पुल, मोहता मिल, जीएमसी क्वार्टर, गंगा नगर, बंजारा नगर, उमरी, शेलार फैल पेठ समीप, नेहरु नगर डाबकी रोड, गुलशन कालोनी, टावर रोड, पुराना शहर से एक–एक मरीज मिला है। सायंकाल को जिन दो लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव मिली उसमें से एक मोहता मिल रोड तथा एक पुराने शहर का निवासी हैं

एक की मौत, अब तक 43

बुधवार 10 मई को इलाज के दौरान एक 76 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई, जो हरिहर पेठ का निवासी बताया गया। इस मरीज को 3 जून को इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया था। इस मौत के साथ ही अब यह आंकड़ा 43 हो गया है। इसमें एक व्यक्ति ने आत्महत्या की थीं।

अब तक जांचे 6952 सैम्पल

अब तक 6952 संदिग्ध मरीजों के स्वैब सैम्पल्स जांच के लिए भेजे गए हैं, जिसमें प्राथमिक जांच के 6660, दोबारा जांच के लिए 112 तथा चिकित्सा कर्मियों 180 सैम्पल हैं। अब तक 6868 रिपोर्ट मिली हैं, जिसमें से 914 की रिपोर्ट पॉजिटिव, जबकि 5954 रिपोर्ट नेगेटिव है।


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।