दैनिक भास्कर हिंदी: रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 30 लोगों से ठगे थे 15 लाख - आरोपी गिरफ्तार

September 20th, 2019

डिजिटल डेस्क शहडोल । रेलवे के ग्रुप सी एवं डी के पदों पर भर्ती कराने के नाम पर ठगी कर फरारी काट रहे आरोपी को  केशवाही से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी रमाशंकर मिश्र ने 30 लोगों से 15 लाख रुपए ठगी की थी। उसके खिलाफ 2011 में वाराणसी जिले के शिवपुर थाने में मामला दर्ज हुआ था। तब वह जैतपुर थाना अंतर्गत केशवाही में फरारी काट रहा था। यहां एक स्कूल में अतिथि शिक्षक के तौर पर पढ़ा रहा था।
प्रति व्यक्ति 6 लाख रुपए लिए थे
 आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) वाराणसी, उत्तर प्रदेश के इंस्पेक्टर सुनील कुमार वर्मा एवं जैतपुर टीआई केआर सिलाले की संयुक्त टीम ने आरोपी को जमगांव के माध्यमिक विद्यालय से ही गिरफ्तार किया।   पुलिस के अनुसार वर्ष 2008-09 में आरोपी ने अन्नामलाई विवि चेन्नई में अध्ययनरत छात्रों को बरगलाते हुए रेलवे की ग्रुप सी और डी परीक्षा में स्पोट्र्स कोटे से नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था। उसने प्रति व्यक्ति 6 लाख रुपए लिए थे। आरोपी ने छात्रों को फर्जी इंटरव्यू पत्र व नियुक्ति पत्र दे दिया। जब नौकरी नहीं लगी तो छात्रों ने पैसे मांगने शुरू कर दिए। इस बीच वाराणसी जिले के शिवपुर थाने में 24 मार्च 2011 को 25 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध हुआ था। पुलिस ने नामजद 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 25 अगस्त 2012 को प्रकरण की गंभीरता के मद्देनजर उत्तर प्रदेश शासन ने मामले की जांच-विवेचना ईओडब्ल्यू वाराणसी सेक्टर को स्थानांतरित की। 
4 लोगों का था गैंग 
जांच में यह पाया गया कि आरोपी रमाशंकर द्वारा अपने 3-4 साथियों का संगठित गैंग बनाकर अपने तथा साथियों के विभिन्न बैंकों के खातों में एक बड़ी धनराशि इक_ा की गई है। मौखिक एवं अभिलेखीय साक्ष्यों से पुलिस को गलत सूचना देकर अपने बचाव में मुकदमा लिखवाना पाया गया। ईओडब्ल्यू के द्वारा सभी बैंक खातों के ट्रांजेक्शन को बंद करा दिया गया। इसी बीच वर्ष 2012 से आरोपी अपना लोकेशन बदल-बदल कर रहने लगा। गैंग के अन्य सदस्य भी अलग-अलग स्थानों में छिप गए। 18 सितंबर की शाम एकत्रित इनपुट के आधार पर आरोपी रमाशंकर मिश्रा को संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया।