दैनिक भास्कर हिंदी: जल्लीकट्टू : बेकाबू सांड छलांग मारकर दर्शकों के बीच पहुंचा, एक की मौत

January 16th, 2018

डिजिटल डेस्क, मदुरै। तमिलनाडू के मदुरै में पारंपरिक खेल 'जल्लीकट्टू' के दौरान एक युवक की मौत हो गई है। सांड को काबू करने वाले इस खेल को देखने आए डिंडीगुल जिले के रहने वाले 19 वर्षीय कालीमुथू गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वह पशु मालिकों द्वारा बनाए गए सांड संग्रह केंद्र के नजदीक खड़े थे। पुलिस ने बताया कि जल्लीकट्टू के दौरान सांड ने बेकाबू होकर सुरक्षा घेरा तोड़ दिया और दर्शकों के बीच छलांग लगा दी, जिसके चलते युवक कालीमुथू गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, खेल के दौरान जब सांड ने छलांग लगाई तो वह दो सुरक्षा बाड़े फांद कर दर्शकों के बीच पहुंच गया। गुस्साए सांड ने यहां दर्शकों पर हमला बोल दिया। इस हमले में कालीमुथू चपेट में आ गया, जिस पर सांड ने अपने सिंग से कई वार कर डाले। चेन्नई से करीब 500 किलोमीटर दूर मदुरै के पलामेदु में चल रहे इस पारंपरिक खेल के दौरान 25 लोग घायल भी हुए। पलामेदु में सोमवार सुबह शुरू हुए इस खेल में करीब 455 बैलों को शामिल किया गया था।

मदुरै के पलामेदु के बाद अब अलांगल्लुर में जल्लीकट्टू का आयोजन किया जाएगा। यहां मंगलवार को यह आयोजन होना है। इस आयोजन में सीएम के. पलानीसामी के शामिल होने की बात कही जा रही है जो इस खेल के विजेता को अपने हाथों सम्मानित करेंगे। बता दें कि खेल के नियमों के तहत यदि एक निश्चित समय तक कोई शख्स सांड के कूबड़ पर लटका रहता है तो उसे पुरस्कार दिया जाता है।

बता दें कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु में पोंगल फेस्टिवल का ही एक हिस्सा है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने तमिल कल्चर के इस पारंपरिक खेल को बैन कर दिया था। इसके पीछे इस खेल में सांडों पर अत्याचार और मारे जाने वाले लोगों को कारण बताया गया था। इसके बाद पूरे तमिलनाडु में कोर्ट के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। हालांकि तमिलनाडु विधानसभा ने एक कानून बनाकर कोर्ट के बैन को बायपास कर दिया। सरकार ने जल्लीकट्टू के लिए कई नियम भी बनाए हैं, जिनका खेल में पालन जरुरी कर दिया गया है।