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बीटेक के 3 छात्रों ने 12 राज्यों के एटीएम से उड़ाए 946 लाख - जबलपुर में हाईटेक चोरों को पुलिस ने दबोचा 

बीटेक के 3 छात्रों ने 12 राज्यों के एटीएम से उड़ाए 946 लाख - जबलपुर में हाईटेक चोरों को पुलिस ने दबोचा 

डिजिटल डेस्क जबलपुर । लखनऊ की इन्ट्रीगल यूनिवर्सिटी में बीटेक की पढ़ाई कर रहे 3 छात्रों ने गिरोह बनाकर हाईटेक तरीके से एटीएम में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। गिरोह में शामिल छात्रों ने मध्यप्रदेश सहित एक दर्जन राज्यों में भ्रमण करते 3 साल में एटीएम मशीनों से करीब 46 लाख रुपये पार किये। संजीवनी नगर  क्षेत्र में दो एटीएम में 87 हजार की चोरी की घटना के बाद पुलिस ने इन शातिर चोरों को दबोचा तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस संबंध में एक पत्रकारवार्ता में एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में विगत दिनों दो एटीएम मशीनों में चोरी होने के मामले की जाँच के दौरान पुलिस टीम ने कानपुर के ग्राम सरसी निवासी विजय यादव, कानपुर सर्वोदय नगर निवासी गगन कटियार, वाराणसी डॉक्टर्स कॉलोनी निवासी अजीत सिंह को संदेह के आधार पर पकड़कर उनके पास से कार क्रमांक यूपी 32 एफएस 4275 व 65 हजार रुपये नकदी के अलावा एक पेचकस और स्टील की चिमटी बरामद की थी। आरोपियों से सघन पूछताछ की जाने पर उन्होंने पिछले तीन साल से एटीएम मशीनों में चोरी की कई वारदातें करने का खुलासा किया। तीनों शातिर चोर जबलपुर में तिलवारा स्थित होटल सकून में ठहरे थे। उनके पास से कई एटीएम कार्ड भी बरामद किए गये हैं। 
कटनी से पहुँचे थे जबलपुर 
पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि वे कार से वारदात करने निकले थे और रीवा, कटनी होते हुए जबलपुर पहुँचे थे। यहाँ पर 1 जून की सुबह गुलौआ चौक स्थित एसबीआई के एटीएम से 77 हजार व गढ़ा बाजार के एटीएम से 10 हजार रुपये चोरी किए थे और उसके बाद पहली बार पकड़े गये। कटनी में उन्होंने 31 मई की रात दो एटीएम से 20 हजार की चोरी की थी। 
किराए पर लेते थे एटीएम कार्ड
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे वारदात करने के लिए अपने परिचितों व गरीबों को रुपये देकर उनके एटीएम कार्ड किराए पर लेते थे। जाँच के दौरान पुलिस को मुख्य आरोपी विजय यादव के तीन बैंक खातों की जानकारी लगी है। इन खातों में तीन साल में एक में 33 लाख, दूसरे में 12 लाख व तीसरे खाते से 96 हजार, इस तरह कुल 45 लाख 96 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन होना पाया गया है।
चिमटी से निकालते थे रुपये 
आरोपियों के पास से बरामद की गई चिमटी के संबंध में पूछताछ किए जाने पर उन्होंने कबूल किया कि एटीएम मशीन में जहाँ से नोट निकलते हैं वहाँ पर वे पेचकस फँसाकर चिमटी की मदद से मशीन के अंदर से रुपये निकालते थे।   
कई प्रदेश में एटीएम से उड़ाई रकम 
पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि हाईटेक चोरों ने मध्यप्रदेश के अलावा दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल सहित एक दर्जन प्रदेशों में अब तक एटीएम से रकम चोरी करने की वारदातों को अंजाम दिया है। जबलपुर पुलिस द्वारा अन्य प्रदेशों में इन शातिर चोरों के संबंध में सूचनाएँ भेजी गई हैं। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।